नैनीताल , अगस्त 22 -- उत्तराखंड उच्च न्यायालय के आदेश के बाद नैनीताल के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने शनिवार को भीमताल मारपीट मामले के तीन मुख्य अभियुक्तों का 14 दिन का रिमांड स्वीकृत कर दिया जबकि एक अन्य सह-अभियुक्त के विरुद्ध गैर-जमानती वारंट जारी किया है।

मामले के अनुसार हल्द्वानी के राजारानी विहार निवासी वादी हिमांशु रैक्वाल के साथ भीमताल स्थित एक रेस्टोरेंट के बाहर इसी साल 06 जुलाई की रात में शराब के नशे में राहुल रावत, गौरांग रौतेला, आयुष बोरा, अजय कुल्याल, गौरव कुल्याल सहित करीब 10-12 लोगों ने पहले हंगामा किया और विरोध करने पर आरोपियों ने वादी के साथ मारपीट के साथ ही सिर पर लोहे के औजार से वार कर दिया। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।

इसके बावजूद आरोपी रुके नहीं और आधी रात को वैरायटी रेस्टोरेंट व अस्पताल पहुंचकर वादी के मामा रमेश किरौला और उनके भाई पर दोबारा हमला कर दिया। इस हमले में रमेश किरौला और उसका भाई गंभीर रूप से घायल हो गया। दोनों को डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय हल्द्वानी भेजा गया। वर्तमान में दिल्ली के मैक्स अस्पताल के आईसीयू में भर्ती हैं जहां वे कोमा की स्थिति में हैं। आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की गई।

विवेचना के दौरान साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109(1) भी जोड़ी गई। गिरफ्तार किए गए चार अभियुक्तों को एसीजेएम नैनीताल की अदालत ने जमानत दे दी थी। इसके खिलाफ वादी ने उच्च न्यायालय नैनीताल में रिवीजन याचिका दाखिल की। उच्च न्यायालय के निर्देश पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की देखरेख में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में मामले की पुनः सुनवाई हुई।

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