अलवर , जुलाई 20 -- राजस्थान में विधानसभा में विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार ने राजस्थान उच्च न्यायालय की फटकार के बाद चुनाव की तारीखें घोषित की हैं, जबकि पहले वह चुनाव कराने से बच रही थी।

श्री जूली ने सोमवार को कहा कि सरकार लगातार चुनाव टालने का प्रयास कर रही थी। इस मामले में उच्च न्यायालय ने सरकार को दो बार फटकार लगाई और सरकार को माफी भी मांगनी पड़ी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की मंशा चुनाव कराने की नहीं थी।

उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय ने राज्य निर्वाचन आयोग के आयुक्त से भी सवाल किया था कि आयोग चुनाव कराने में सक्षम नहीं है तो न्यायालय अपने किसी न्यायाधीश की निगरानी में चुनाव कराने पर विचार कर सकता है। उन्होंने कहा कि चुनाव कराने के मुद्दे पर सरकार की काफी फजीहत हुई है, जबकि संविधान में समय पर चुनाव कराना अनिवार्य है।

श्री जूली ने कहा कि सरकार पहले ओबीसी आरक्षण से जुड़ी रिपोर्ट का हवाला देकर चुनाव टाल रही थी, लेकिन उच्च न्यायालय की सख्ती के बाद अब वही रिपोर्ट अचानक तैयार हो गई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल बहानेबाजी कर रही थी और चुनाव टालना चाहती थी।

उन्होंने कहा कि सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है और अब गांवों में जाने से भी बच रही है। पंचायत और निकाय चुनावों में देरी सरकार की नाकामी का प्रमाण है।

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