अलवर , अगस्त 04 -- उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर राजस्थान में अरावली पर्वतमाला के संरक्षण और उसकी वास्तविक स्थिति का आकलन करने के लिए गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति (एचपीसी) छह से 10 अगस्त तक दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान के अरावली क्षेत्र का विस्तृत दौरा करेगी।
आधिकारिक सू्त्रों ने सोमवार को बताया कि समिति सात अगस्त को फरीदाबाद से कोटपूतली, नीमकाथाना और खंडेला होते हुए सरिस्का पहुंचेगी, जहां पर्यावरण, खनन, जैव विविधता, जल संसाधनों और भूमि उपयोग की जमीनी स्थिति का अध्ययन किया जाएगा।
भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद (आईसीएफआरई) के महानिदेशक की अध्यक्षता में गठित यह समिति उच्चतम न्यायालय को वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित रिपोर्ट सौंपेगी। समिति का उद्देश्य संरक्षण और विकास के बीच संतुलन की वास्तविक स्थिति का मूल्यांकन करना है।
सूत्रों ने बताया कि समिति छह अगस्त को दिल्ली, गुरुग्राम और फरीदाबाद और सात अगस्त को फरीदाबाद से कोटपूतली, नीमकाथाना, खंडेला होते हुए सरिस्का पहुंचकर निरीक्षण करेगी। इसी प्रकार आठ अगस्त को सरिस्का, जयपुर और अजमेर का भ्रमण करके नौ अगस्त को अजमेर, ब्यावर, राजसमंद और उदयपुर का दौरा करेगी। दस अगस्त को समिति उदयपुर, पिंडवाड़ा और माउंट आबू क्षेत्र का निरीक्षण करेगी।
समिति प्रतिदिन सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक फील्ड विजिट करेगी। इसके बाद शाम 4:30 बजे से 6:30 बजे तक बहु-हितधारक परामर्श बैठक आयोजित होगी, जिसमें पर्यावरणविद, संरक्षण विशेषज्ञ, स्वयंसेवी संस्थाएं, खनन पट्टाधारक, किसान, स्थानीय ग्रामीण, खदान श्रमिक, शोध संस्थानों के विशेषज्ञ और विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारी अपने सुझाव और आपत्तियां रख सकेंगे।
सूत्रों ने बताया कि समिति अरावली क्षेत्र की पर्यावरणीय स्थिति, भू-वैज्ञानिक संरचना, जल संसाधन, जैव विविधता, खनन गतिविधियों, भूमि उपयोग में बदलाव और स्थानीय लोगों की आजीविका पर पड़ रहे प्रभावों का विस्तृत अध्ययन करेगी। उच्चतम न्यायालय ने समिति को सभी संबंधित पक्षों से सुझाव लेकर उन्हें अंतिम रिपोर्ट में शामिल करने के निर्देश दिये हैं।
उल्लेखनीय है कि अरावली की अखंडता और संरक्षण से जुड़े मामलों की सुनवाई के दौरान 25 मई 2026 को उच्चतम न्यायालय ने इस उच्चाधिकार प्राप्त समिति का गठन किया था। अब समिति का यह दौरा भविष्य में अरावली संरक्षण, खनन नियंत्रण और पर्यावरणीय नीतियों को लेकर महत्वपूर्ण दिशा तय कर सकता है।
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