भीलवाड़ा , जून 18 -- उच्चतम न्यायालय द्वारा 29 मई 2026 को प्राथमिक शिक्षा के शिक्षकों के संदर्भ में दिये गये एक फैसले के विरोध में गुरुवार को अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (एबीआरएसएम) विद्यालय शिक्षा द्वारा राजस्थान के भीलवाड़ा में जिला स्तर पर धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया।

इस विरोध प्रदर्शन में भीलवाड़ा जिले सहित देश भर के विभिन्न जिलों से आये सैकड़ों शिक्षकों ने शिरकत की और केंद्र सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।

एबीआरएसएम के प्रांत संगठन मंत्री कैलाश सुथार ने बताया कि उच्चतम न्यायालय के हालिया फैसले के अनुसार, वर्ष 2010 से पूर्व सेवा में आये सभी प्राथमिक शिक्षकों के लिए भी अब टेट परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य कर दिया गया है। श्री सुथार ने कहा कि जो शिक्षक पिछले कई दशकों से बच्चों को पढ़ा रहे हैं और जिनके पास लंबा शैक्षणिक अनुभव है, उन्हें इस उम्र में परीक्षा देने के लिए बाध्य करना तर्कसंगत नहीं है।

उन्होंने बताया कि यदि कोई शिक्षक इस परीक्षा को पास नहीं कर पाता है, तो भविष्य में उसे मिलने वाले सेवा लाभों से वंचित किया जा सकता है और यहां तक कि सेवा से पृथक भी किया जा सकता है, जो पूरी तरह से अनुचित है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित