नयी दिल्ली , फरवरी 09 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने सोमवार को पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा और विशेष गहन पुनीरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया पर उच्चतम न्यायालय की टिप्पणी को राज्य की तृणमूल कांग्रेस पर फटकार बताया।
श्री पात्रा ने यहां मीडिया से बातचीत में कहा कि फरक्का और चाकुलिया जैसे कई इलाकों में तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं और उनके सहयोगियों ने हिंसा भड़काई, सरकारी फाइलें जलाईं और बीडीओ (ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर) पर हमला किया, जिसके कारण एसआईआर की प्रक्रिया बाधित हुई और सड़कों पर विरोध प्रदर्शन देखने को मिला।
श्री पात्रा ने कहा कि चुनाव आयोग के कर्मचारियों को रोकने और एसआईआर प्रक्रिया को ठप करने के लिए बंगाल में जो माहौल बनाया गया, वह अभूतपूर्व था। उन्होंने आरोप लगाया कि हिंसा के जरिए चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की गई।
श्री पात्रा ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने इस मामले से जुड़ी विभिन्न याचिकाओं, जिनमें ममता बनर्जी की याचिका भी शामिल थी, पर सुनवाई करते हुए स्पष्ट कहा है कि एसआईआर प्रक्रिया को रोका नहीं जा सकता। न्यायालय ने यह भी कहा कि यदि किसी को प्रक्रिया पर आपत्ति है तो वह स्पष्टीकरण मांग सकता है, लेकिन प्रक्रिया किसी भी हालत में बंद नहीं होगी। श्री पात्रा के अनुसार यह टिप्पणी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए कड़ी फटकार है।
श्री पात्रा ने कहा कि एसआईआर से जुड़ी हिंसा और चुनाव आयोग की याचिका पर विचार करते हुए उच्चतम न्यायालय ने पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है और उन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है। पात्रा ने आरोप लगाया कि यह नोटिस केवल प्रशासनिक स्तर पर नहीं, बल्कि राज्य सरकार की जवाबदेही भी तय करता है।
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