फर्रुखाबाद , अक्टूबर 23 -- कानपुर परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक यमुना प्रसाद ने कहा कि ईश्वर एक है और हम सभी उसी मूल से निकली शाखाओं के समान हैं। अपनी-अपनी आस्था, मान्यताओं और विचारों के अनुरूप ईश्वर की उपासना करने वाले सभी लोगों को एक-दूसरे की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए आपसी सद्भाव, शांति, सहिष्णुता और भाईचारे को मजबूत बनाना चाहिए।
यमुना प्रसाद शुक्रवार को फर्रुखाबाद जिला मुख्यालय से करीब 38 किलोमीटर दूर संकिसा बौद्ध स्थल पर शरद पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित होने वाले बौद्ध महोत्सव मेले की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ सनातन धर्मी और बौद्ध पक्ष के पदाधिकारी मौजूद रहे।
डीआईजी ने दोनों पक्षों के पदाधिकारियों से अपील की कि वे आपसी समन्वय, सहयोग और सौहार्द के साथ मेले को सफल बनाएं। आयोजन के दौरान किसी प्रकार की अनावश्यक असहजता उत्पन्न न हो और श्रद्धालु शांतिपूर्ण वातावरण में अपनी धार्मिक आस्थाओं के अनुरूप कार्यक्रमों में भाग ले सकें, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।
उन्होंने कहा कि संकिसा का आयोजन धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यहां देश-विदेश, विशेषकर अंतरराष्ट्रीय क्षेत्रों से श्रद्धालुओं के आने की संभावना रहती है। ऐसे में प्रत्येक श्रद्धालु और अतिथि का स्वागत भारतीय संस्कृति की गौरवशाली परंपरा 'अतिथि देवो भवः' के अनुरूप किया जाना चाहिए। श्रद्धालु यहां से शांति, सद्भाव और पारस्परिक सम्मान का संदेश लेकर जाएं तथा अपने-अपने देशों में भारतीय संस्कृति, सभ्यता और भाईचारे की भावना का प्रसार करें।
उन्होंने कहा कि धर्म और आस्था का मूल उद्देश्य सद्मार्ग पर चलना, मानवता को महत्व देना तथा समाज में शांति और सद्भाव स्थापित करना है। आपसी संवाद और समन्वय से प्रत्येक विषय का समाधान निकाला जा सकता है। सभी पक्षों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि मेले के दौरान शांति व्यवस्था बनी रहे और किसी भी प्रकार की अफवाह या गलतफहमी को बढ़ावा न मिले।
जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर और पुलिस अधीक्षक आरती सिंह की मौजूदगी में हुई बैठक में मेले की तैयारियों और आवश्यक व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई। प्रशासन और पुलिस ने आयोजन को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने, श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करने तथा शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए की जा रही तैयारियों की जानकारी दी।
बैठक के बाद डीआईजी यमुना प्रसाद ने बिसारी देवी मंदिर पहुंचकर मंदिर परिसर, बौद्ध स्तूप और धम्मलोक बौद्ध विहार में की गई तैयारियों का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुव्यवस्थित आवागमन के लिए सभी आवश्यक प्रबंध समय से पूरे करने के निर्देश दिए।
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