पटना , मई 08 -- बिहार सरकार की स्वच्छ, गरिमामय एवं पर्यावरण-अनुकूल अंतिम संस्कार सेवाओं को बढ़ावा देने की पहल के अंतर्गत पटना नगर निगम और सदगुरू की ओर से स्थापित ईशा फाउंडेशन की ईकाई ईशा आउटरीच के बीच बांस घाट श्मशान के संचालन एवं रखरखाव के लिए सहमति बनी है।

नगर आयुक्त यशपाल मीणा की उपस्थिति में शुक्रवार को निगम की ओर से नगर अभियंता बिंदु रजक एवं ईशा आउटरीच की ओर से श्री युवराजन ने समझौता ज्ञापन (एमओयू पर हस्ताक्षर किये गए एवं दोनों पक्षों के बीच दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया गया।

समझौते के तहत ईशा आउटरीच की ओर से परिसर में स्थापित इलेक्ट्रिक शवदाह गृह, चिमनीयुक्त लकड़ी आधारित दाह प्रणाली, खुला दाह क्षेत्र, प्रार्थना कक्ष, प्रतीक्षा कक्ष, कर्मचारियों के आवास, गंगा जल भंडारण संरचनाएं एवं अन्य जन-सुविधाओं का संचालन एवं रखरखाव किया जाएगा। इसके अतिरिक्त संस्था द्वारा रिकॉर्ड प्रबंधन, अपशिष्ट, राख एवं सीवेज का वैज्ञानिक निपटान तथा बिजली से संबंधित शुल्क का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।

गौरतलब है कि पटना स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत बुडको द्वारा बांस घाट पर आधुनिक सुविधाओं से युक्त नए श्मशान घाट का निर्माण एवं पुराने श्मशान घाट का उन्नयन किया गया है। पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड की बोर्ड द्वारा 16 अप्रैल 2026 को सर्वसम्मति से लिए गए निर्णय के आलोक में बांस घाट पर नवनिर्मित एवं विकसित श्मशानों को पटना नगर निगम को हस्तांतरित किया गया है।

ईशा आउटरीच द्वारा पांच वर्षों तक श्मशान के दैनिक संचालन एवं रखरखाव की जिम्मेदारी निभाई जाएगी। अंतिम संस्कार के लिए 3,500 से 5,000 तक का नाममात्र शुल्क प्रस्तावित है, जिसे समय-समय पर आपसी सहमति से संशोधित किया जा सकेगा। लकड़ी आधारित दाह संस्कार के लिए लकड़ी का खर्च मृतक के परिजनों द्वारा वहन किया जाएगा, जबकि पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए इलेक्ट्रिक शवदाह प्रणाली को प्राथमिकता दी जाएगी।

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