तेहरान/वॉशिंगटन , मई 06 -- ईरान सरकार अमेरिका के ताज़ा शांति प्रस्ताव की समीक्षा कर रही है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने आज देश की समाचार एजेंसी आईएसएनए को दिए एक बयान में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस्लामिक गणराज्य इस प्रस्ताव पर अपनी प्रतिक्रिया को अंतिम रूप देने के बाद पाकिस्तानी मध्यस्थों को अपनी स्थिति से अवगत कराएगा।

इससे पहले दिन में अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट के ज़रिए चेतावनी दी थी कि अगर ईरान "उन बातों को मानने पर सहमत नहीं होता जिन पर सहमति बनी थी - जो कि शायद एक बड़ी कल्पना ही है" - तो उसे अमेरिका के "कहीं ज़्यादा बड़े और तीव्र" हमलों का सामना करना पड़ेगा।

अब तक, न तो अमेरिका या ईरान के अधिकारियों ने, और न ही पाकिस्तान के मध्यस्थों ने शांति प्रस्ताव के इस ताज़ा संस्करण पर बातचीत शुरू होने से जुड़ी किसी भी जानकारी की पुष्टि की है। यह प्रस्ताव इस्लामाबाद की अगुवाई में हफ़्तों तक चली आपसी बातचीत का ही नतीजा है।

होर्मुज जलडमरूमध्य में लेकर ईरान की धमकियाँ, अपने परमाणु कार्यक्रम पर बड़ी पाबंदियाँ स्वीकार करने की उसकी इच्छा, और लेबनान में ईरान-समर्थित हिज़्बुल्ला के साथ इज़रायल की जारी लड़ाई ये सभी अब तक एक व्यापक शांति समझौते की राह में बड़ी बाधाएँ साबित हुई हैं।

श्री ट्रंप ने इस बात का कोई संकेत नहीं दिया है कि दो महीने से ज़्यादा समय से चल रहे युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर बनी तनावपूर्ण स्थिति को खत्म करने के लिए ईरान कथित तौर पर किन बातों पर सहमत हुआ है। इस तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं।

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