वॉशिंगटन , मई 10 -- अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने शनिवार को मियामी में कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल थानी से मुलाकात की। यह बैठक ऐसे समय में हुई है, जब अमेरिका फरवरी के अंत में शुरू हुए संघर्ष को समाप्त करने के अपने नवीनतम प्रस्ताव पर ईरान के जवाब का इंतजार कर रहा है।

इस दौरान चर्चा मुख्य रूप से ईरान संकट, रक्षा सहयोग और पश्चिम एशिया में स्थिरता बनाये रखने के व्यापक प्रयासों पर केंद्रित रही।

अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने एक बयान में कहा कि श्री रूबियो ने कई क्षेत्रों में कतर की साझेदारी की सराहना की और खतरों को रोकने तथा क्षेत्र में स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए वॉशिंगटन और दोहा के बीच निरंतर घनिष्ठ समन्वय पर जोर दिया।

श्री रूबियो ने कतर की रक्षा क्षमताओं के लिए अमेरिकी समर्थन पर और क्षेत्रीय सुरक्षा बनाए रखने में दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी का उल्लेख किया।

श्री रूबियो ने 'एक्स' पर पोस्ट में कहा कि चर्चा में 'कतर की रक्षा के लिए अमेरिकी समर्थन' शामिल था। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि 'खतरों को रोकने और पश्चिम एशिया में स्थिरता को बढ़ावा देने' के लिए इन दो सहयोगियों के बीच सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है।

यह बैठक व्यापक क्षेत्रीय तनाव से जुड़ी तीव्र कूटनीतिक गतिविधियों के बीच हुई है, जिसमें ईरान से संबंधित जारी प्रयास भी शामिल हैं।

अमेरिका-ईरान वर्तमान में एक पन्ने के 'ज्ञापन' (मेमोरेंडम) पर चर्चा कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य ईरान युद्ध को समाप्त करना और अधिक व्यापक वार्ताओं के लिए ढांचा तैयार करना है।

दोनों पक्षों के बीच कतर प्रमुख मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। हालांकि युद्ध शुरू होने के बाद से पाकिस्तान अमेरिका-ईरान के बीच आधिकारिक मध्यस्थ रहा है, लेकिन रिपोर्टों के मुताबिक कतर पक्ष 'पर्दे के पीछे' से सक्रिय रहा है।

इससे पहले दिन में आई रिपोर्टों में कहा गया था कि श्री रूबियो और ह्वाइट हाउस के दूत स्टीव विटकॉफ ने भी मियामी में श्री अल थानी से मुलाकात की है। यह मुलाकात पर्दे के पीछे चल रही उस कूटनीति का हिस्सा थी, जिसका उद्देश्य ईरान संघर्ष से संबंधित वार्ताओं को आगे बढ़ाना और तनाव कम करने के लिए संभावित ढांचे की तलाश करना था।

रिपोर्टों के अनुसार, राजनयिक पहुंच में शामिल अन्य क्षेत्रीय देशों के साथ-साथ कतर भी अमेरिका-ईरान के बीच चर्चा में महत्वपूर्ण मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। श्री अल थानी ने वॉशिंगटन में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस से भी मुलाकात की, जहां दोनों पक्षों ने क्षेत्र में कूटनीति और स्थिरता के प्रयासों के प्रति अपने समर्थन की पुष्टि की।

कतर के प्रधानमंत्री ने कहा, "उन्होंने हमारे मित्र देशों की रणनीतिक साझेदारी और सहयोग पर चर्चा की तथा साझा हितों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। हम सुरक्षा, स्थिरता और स्थायी क्षेत्रीय औ वैश्विक शांति को आगे बढ़ाने वाली कूटनीति के लिए अपने समर्थन की पुष्टि करते हैं।"इस बीच श्री अल थानी ने सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान के साथ फोन पर बातचीत की। इसमें द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा की गयी। दोनों पक्षों ने कतर और सऊदी अरब के बीच सहयोग पर चर्चा की और संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर विचार किया।

चर्चा का केंद्र क्षेत्रीय घटनाक्रम ,खासकर अमेरिका-ईरान के बीच युद्धविराम से संबंधित प्रयास, तनाव कम करने और क्षेत्रीय सुरक्षा व स्थिरता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जारी राजनयिक पहल भी रहा। बातचीत के दौरान, दोनों नेताओं ने सभी पक्षों के मध्यस्थता के प्रयासों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देने के महत्व पर जोर दिया, ताकि संवाद और शांतिपूर्ण माध्यमों से संकट के मूल कारणों का समाधान किया जा सके।

उन्होंने कहा कि क्षेत्र में फिर से तनाव बढ़ने से रोकने और एक स्थायी समझौते तक पहुंचने के लिए ऐसे प्रयास आवश्यक थे।

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