वॉशिंगटन , जून 24 -- रिपब्लिकन पार्टी के नियंत्रण वाली अमेरिकी सीनेट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विरोध के बावजूद बड़ा कदम उठाते हुए उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिसमें मांग की गयी है कि राष्ट्रपति ईरान में युद्ध रोकें या सैन्य कार्रवाई जारी रखने से पहले संसद (कांग्रेस) की मंजूरी लें।

बीबीसी रिपोर्ट के अनुसार, इस महीने की शुरुआत में अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में भी इस प्रस्ताव को पारित किया जा चुका है। वर्ष 1973 के 'वार पावर्स रिजॉल्यूशन' के लागू होने के बाद अमेरिकी इतिहास में यह पहली बार है, जब संसद के दोनों सदनों ने किसी राष्ट्रपति को सैन्य कार्रवाई समाप्त करने का निर्देश देने वाला कोई संयुक्त प्रस्ताव पारित किया है।

गौरतलब है कि यह एक 'समानवर्ती प्रस्ताव' है। इसका मतलब है कि यह केवल संसद की भावना या इच्छा व्यक्त करता है। कानूनी रूप से बाध्यकारी न होने के कारण इसे राष्ट्रपति ट्रंप के पास उनके हस्ताक्षर या विचार के लिए नहीं भेजा जायेगा।

मंगलवार को सीनेट में हुए 50-48 के इस ऐतिहासिक मतदान में रैंड पॉल, लिसा मुर्कोव्स्की, सुसान कोलिन्स और बिल कैसिडी जैसे चार रिपब्लिकन सांसद अपनी ही पार्टी के राष्ट्रपति के खिलाफ जाकर डेमोक्रेटों के साथ शामिल हो गये। वहीं, दूसरी तरफ डेमोक्रेटिक पार्टी के सीनेटर जॉन फेटरमैन अपनी पार्टी के अकेले ऐसे सदस्य रहे जिन्होंने इस प्रस्ताव के विरोध में वोट डाला।

ह्वाइट हाउस के एक अधिकारी के अनुसार, यह प्रस्ताव केवल इसलिए पारित हो सका, क्योंकि मिच मैककोनेल और डेव मैकोर्मिक जैसे दो दिग्गज रिपब्लिकन सीनेटर मतदान के दौरान अनुपस्थित थे। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर इस मतदान की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने इसे गलत समय पर लिया गया एक बेमतलब फैसला बताया।

श्री ट्रंप ने लिखा, "जब मैंने ईरान को पूरी तरह घुटनों पर ला दिया है और वह घुटने टेकने ही वाला है... ठीक उसी वक्त अमेरिकी सीनेट ने गलत समय पर युद्ध शक्ति कानून को लेकर यह अर्थहीन मतदान करा दिया। इन सांसदों ने मेरा काम और ज्यादा मुश्किल कर दिया है, लेकिन मैं इसे किसी न किसी तरह पूरा कर ही दम लूंगा, क्योंकि मैं अपना काम हमेशा पूरा करता हूं!"यह घटनाक्रम नवंबर में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से ठीक पहले रिपब्लिकन पार्टी के भीतर की गहरी दरार को उजागर करता है, जिससे तय होना है कि दोनों सदनों में पार्टी का मामूली बहुमत बरकरार रहेगा या नहीं। इससे पहले भी कुछ रिपब्लिकन सांसदों ने यूक्रेन को सहायता देने और राष्ट्रपति के 1.8 अरब डॉलर के 'एंटी-वेपनाइजेशन' फंड को खारिज कर उनके फैसलों का विरोध किया था।

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