वाशिंगटन , अप्रैल 27 -- अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सोमवार को ईरान युद्ध और उससे जुड़े कूटनीतिक गतिरोध पर अपने शीर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति सलाहकारों के साथ महत्वपूर्ण बैठक करेंगे। अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता फिलहाल ठहराव की स्थिति में पहुंच गयी है।
अमेरिकी मीडिया संस्थानों की रिपोर्ट के मुताबिक, श्री ट्रंप अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ अगले कदमों पर विचार करेंगे। अधिकारियों के अनुसार, ईरान द्वारा हाल में प्रस्तुत नये प्रस्ताव को अमेरिका की प्रमुख शर्तों के अनुरूप नहीं माना गया।
एक्सियोस की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के प्रस्ताव का मुख्य केंद्र होर्मुज जलडमरूमध्य को पुनः खोलना और इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी समाप्त करना था, जबकि परमाणु वार्ता को बाद के चरण के लिए टालने का सुझाव दिया गया था।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची की इस्लामाबाद यात्रा से सप्ताहांत में नयी वार्ता की संभावनाएं बढ़ी थीं। इस्लामाबाद पहले अमेरिका और ईरान के बीच एकमात्र प्रत्यक्ष वार्ता का मेजबान रह चुका है, हालांकि वह दौर किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंचा था।
हालांकि, ट्रंप द्वारा अमेरिकी दूतों स्टीव विटकॉफ और जैरेड कुशनर की प्रस्तावित यात्रा रद्द किये जाने के बाद नयी बातचीत की उम्मीदों को झटका लगा। श्री ट्रंप ने कहा कि यदि ईरान बातचीत चाहता है तो उसे स्वयं अमेरिका से संपर्क करना होगा।
इस बीच, रूस पहुंचने के बाद श्री अराघची ने वार्ता विफल होने के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने सेंट पीटर्सबर्ग में कहा कि अत्यधिक अमेरिकी मांगों के कारण प्रगति के बावजूद पिछला दौर अपने लक्ष्यों तक नहीं पहुंच सका।
श्री अराघची अपने क्षेत्रीय कूटनीतिक दौरे के तहत पाकिस्तान, ओमान और रूस की यात्राएं कर रहे हैं। रूस में उनकी मुलाकात राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से होने की संभावना जतायी गयी है।
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी फार्स के अनुसार, ईरान ने पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिका को लिखित संदेश भेजे हैं, जिनमें परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े अपने "रेड लाइन" स्पष्ट किये गये हैं।
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