शिमला , मार्च 05 -- पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने ईरान पर अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमलों के विरोध में शिमला में विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।
पार्टी के आह्वान पर यह प्रदर्शन शुक्रवार को शाम 4 बजे उपायुक्त कार्यालय के बाहर किया जाएगा। यह विरोध प्रदर्शन पार्टी के राष्ट्रव्यापी विरोध आह्वान का हिस्सा है, जिसके तहत ईरान पर हमलों की निंदा करते हुए वहां की जनता के साथ एकजुटता जताई जाएगी।
माकपा नेताओं ने कहा कि ईरान, विशेषकर राजधानी तेहरान में हुए हमलों में नागरिकों की मौत की खबरें सामने आई हैं, जिनमें छात्र और युवा लड़कियां भी शामिल हैं। उन्होंने इन घटनाओं को अमेरिका और इजरायल के नेतृत्व की आक्रामक सैन्य कार्रवाई करार दिया।
पार्टी ने आरोप लगाया कि वैश्विक शक्तियां पश्चिम एशिया को व्यापक संघर्ष की ओर धकेल रही हैं, जिससे क्षेत्र की स्थिरता और अधिक प्रभावित हो सकती है।
इस मुद्दे पर वाम दलों और इंडिया गठबंधन के कुछ सदस्यों ने भी केंद्र सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार पर इजरायल के प्रति झुकाव का आरोप लगाते हुए अमेरिका के साथ हाल के व्यापारिक समझौतों पर भी चिंता जताई।
विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री की हालिया इजरायल यात्रा का भी उल्लेख करते हुए कहा कि क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच भारत को संतुलित कूटनीतिक रुख बनाए रखना चाहिए।
इस बीच हिमाचल प्रदेश में इस मुद्दे को लेकर विशेष चिंता जताई जा रही है, क्योंकि राज्य के करीब 42 हजार लोग खाड़ी देशों और पश्चिम एशिया के अन्य हिस्सों में कार्यरत हैं। हवाई क्षेत्र बंद होने और सुरक्षा चिंताओं के बीच उनके परिवारों में उनकी सुरक्षा और संभावित निकासी को लेकर आशंका बढ़ गई है।
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