तेहरान/वाशिंगटन , जून 26 -- ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को ख्कारिज किया है जिसमें कहा गया था कि 'ईरान में भोजन की सख्त जरूरत है।'ईरान ने इसके जवाब में अमेरिका में ही भोजन की कमी से जुड़े आंकड़ों का हवाला दिया है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "भलाई की शुरुआत अपने घर से होती है - और वहां इसकी सख्त जरूरत है।" इसके बाद उन्होंने अमेरिका में गरीबी से जूझ रहे उन लोगों की बढ़ती संख्या के कई आंकड़े पेश किए जो भारी महंगाई के कारण भोजन का खर्च उठाने में असमर्थ हैं।

श्री बघाई ने शुक्रवार को लिखा, "अमेरिकी अधिकारियों का इस पर 'समाधान' क्या था? सितंबर 2024 में, अमेरिकी कृषि विभाग (यूएसडीए) ने घरेलू खाद्य असुरक्षा पर अपनी 30 साल पुरानी वार्षिक रिपोर्ट को चुपचाप बंद कर दिया - जिससे अमेरिका में भूख की आधिकारिक निगरानी और उसे स्वीकार करना प्रभावी रूप से खत्म हो गया। इसलिए, केवल रिपोर्टों को बंद करके अपने देश की भूख की समस्या को 'सुलझाने' के बाद, अमेरिका अब खुद को दुनिया के अन्य हिस्सों में भूख के बारे में उपदेश देने के लायक समझता है।"श्री ट्रंप ने गुरुवार को दोहराया था कि दोनों देशों के बीच हुए समझौते के तहत ईरान के लंबे समय से 'फ्रीज' पड़ी संपत्ति को जारी किए जाने के साथ ही ईरान को अमेरिका से गेहूं, मक्का और सोयाबीन खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। ईरान ने तुरंत इस दावे को खारिज करते हुए इसे 'झूठा' करार दिया।

श्री ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा था, "ईरान में भोजन की सख्त जरूरत है और हम उनके लिए विशेष रूप से अमेरिका से ही इसे खरीदेंगे।

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