तेहरान , मई 10 -- ईरान ने पाकिस्तानी मध्यस्थों के जरिए अमेरिका को युद्ध समाप्त करने के प्रस्ताव का जवाब सौंपा दिया है और उसके इस कदम से पश्चिम एशिया में कूटनीति को एक नयी गति मिली है। ईरानी सरकारी समाचार एजेंसी इरना के अनुसार यह जवाब तेहरान द्वारा अमेरिकी प्रस्ताव की समीक्षा के बाद दिया गया है।
लेकिन अभी यह देखना बाकी है कि पाकिस्तान ईरान का जवाब अमेरिकी प्रशासन तक कब पहुंचाता है। प्रस्तावित योजना के अनुसार बातचीत का प्रारंभिक चरण इस क्षेत्र में शत्रुता को समाप्त करने पर केंद्रित होगा।
इस ताजा प्रस्ताव का मकसद शत्रुता को समाप्त करना, होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना और ईरान के परमाणु कार्यक्रम तथा क्षेत्रीय सुरक्षा चिंताओं पर व्यापक बातचीत जरिए एक ढांचा तैयार करना है। कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि इस प्रस्ताव के तहत ईरान को 12 साल तक यूरेनियम संवर्धन को रोकना होगा, 30 दिनों के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना होगा और अनुमानित 440 किलोग्राम यूरेनियम सौंपना होगा, जिसे 60 प्रतिशत शुद्धता तक संवर्धित किया गया है। यह स्तर हथियार-ग्रेड सामग्री से कम है, जिसके लिए 90 प्रतिशत संवर्धन की आवश्यकता होती है।
गौरतलब है कि युद्धविराम के बावजूद ईरान और अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में नौसैनिक झड़प को लेकर एक-दूसरे पर आरोप लगाए हैं। इस झड़प में अमेरिकी विध्वंसक जहाज और ईरानी सेनाएं शामिल थीं, और दोनों पक्ष तनाव बढ़ने के लिए एक-दूसरे को दोषी ठहरा रहे हैं।
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार ईरान ने तीन अमेरिकी युद्धपोतों को निशाना बनाते हुए मिसाइलें, ड्रोन और छोटी नावों से बमबारी की थी जिसे वाशिंगटन ने बिना किसी उकसावे के किया गया हमला बताया। अमेरिका ने कहा कि उसकी सेनाओं ने आने वाले खतरों को बीच में ही रोक दिया और आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि इस टकराव से मौजूदा युद्धविराम नहीं टूटा है और ईरान के साथ हुआ समझौता अभी भी लागू है। उन्होंने यह भी कहा कि इस घटना के दौरान ईरान ने हमारे साथ खेलने का काम किया।
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने पहले कहा था कि अमेरिकी प्रस्तावों पर तेहरान का रुख तभी बताया जाएगा जब आंतरिक समीक्षाएं पूरी हो जाएंगी और अंतिम निर्णय ले लिए जाएंगे। इससे संकेत मिलता है कि समीक्षा प्रक्रिया अब पूरी हो चुकी है।
गौरतलब है कि पाकिस्तान ने इससे पहले 8 अप्रैल को ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम कराने में मध्यस्थता की थी, जिससे ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए लगभग 40 दिनों के संयुक्त हमलों का सिलसिला थम गया था। इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता से हुई उच्च-स्तरीय बातचीत का पहला दौर 11-12 अप्रैल को हुआ लेकिन इसमें कोई बड़ी सफलता नहीं मिली।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित