वॉशिंगटन/तेहरान , जुलाई 17 -- होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर जारी भारी तनाव के बीच अमेरिकी सेना ने लगातार छठी रात ईरान पर हवाई हमला किया जिसमें सात लोगों की मौत हो गयी है। अमेरिकी केंद्रीय कमान (सेंटकॉम) के अनुसार, इन हमलों का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमताओं को और कमजोर करना है।

इस बीच, ईरानी सरकारी मीडिया और प्रांतीय अधिकारियों ने दावा किया है कि अमेरिकी हमलों में पुलों, एक रेलवे स्टेशन और एक हवाई अड्डे सहित नागरिक बुनियादी ढांचों को निशाना बनाया गया। इनमें सात लोगों की मौत हुई है।

बीबीसी की रिपोर्ट में होर्मोजगान प्रांत में बंदर अब्बास के पश्चिम में स्थित 'गरीवेह पुल' पर हुए हमले और उसके क्षतिग्रस्त होने की पुष्टि की गयी है।

इस हफ्ते की शुरुआत में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को धमकी दी थी कि अगर वह बातचीत के लिए वापस नहीं आया, तो वे ईरान के पुलों और ऊर्जा सयंत्रों पर हमला करेंगे।

अप्रैल में श्री ट्रंप के यह कहने के बाद कि अमेरिका ईरान में आम नागरिकों से जुड़ी सुविधाओं (जैसे पुल और ऊजा सयंत्रों पर बमबारी करेगा, संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने कहा कि "आम नागरिकों और उनसे जुड़ी सुविधाओं पर जान-बूझकर हमला करना युद्ध अपराध है"।

युद्ध के दौरान मानवीय व्यवहार पर 1949 के जिनेवा कन्वेंशन में आम नागरिकों के लिए ज़रूरी जगहों पर हमले करने की मनाही है।

सेंटकॉम ने यह भी कहा कि मंगलवार रात से ईरान के बंदरगाहों पर अमेरिका की दोबारा शुरू हुई नाकेबंदी के तहत मरीन सैनिकों ने ओमान की खाड़ी में एक ऑयल टैंकर पर कब्जा किया।

सेंटकॉम ने कहा कि उसने 'नाकेबंदी को तोड़ने की कोशिश कर रहे तीन वाणिज्यिक जहाजों का रास्ता बदल दिया'।

सेंटकॉम के मुताबिक, 13 अप्रैल से 18 जून के बीच ईरान के बंदरगाहों पर पिछली नाकेबंदी के दौरान अमेरिकी सेना ने नौ जहाजों को बेकार कर दिया था और 140 से ज़्यादा जहाजों का रास्ता बदल दिया था।

युद्ध खत्म करने के शुरुआती समझौते पर फिर से शुरू हुई लड़ाई की वजह से और दबाव बढ़ गया है।

दूसरी ओर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने सरकारी टेलीविजन के माध्यम से दावा किया है कि उसने जवाबी कार्रवाई करते हुए ओमान में अमेरिकी समुद्री निगरानी रडार केंद्रों के साथ-साथ कुवैत और बहरीन में भी ठिकानों को निशाना बनाया है।

आईआरजीसी ने सीरिया के अल-तंफ में एक अमेरिकी विशेष अभियान कमान केंद्र पर भी अचानक हमला करने का दावा किया है, जिसे सीरिया-जॉर्डन सीमा के पास दो दिन पहले मारे गये ईरानी सैनिकों की मौत का बदला बताया जा रहा है। जॉर्डन की सेना ने हालांकि शुक्रवार को बताया कि उसने तीन ईरानी मिसाइलों को मार गिराया है, जिससे कोई हताहत नहीं हुआ।

इस बढ़ते संघर्ष के बीच पश्चिम एशिया के अन्य हिस्सों से भी हिंसा की रिपोर्टें हैं। इराकी कुर्दिस्तान के सुलेमानिया शहर में सुबह हुए हमले में आठ लोगों की मौत हो गयी और कई अन्य घायल हो गये। कुर्द बलों ने इस हमले का आरोप ईरान पर लगाया है। अलग से, कुर्द बलों ने इरबिल शहर के ऊपर आठ ड्रोन मार गिराने का भी दावा किया है।

इस बीच, श्री ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर दिसंबर 2024 से ईरान में हिरासत में ली गयीं अमेरिकी नागरिक डेना करारी की रिहाई के लिए ईरान की सराहना की है और उनके अधिवक्ता जेरेड गेंसर ने भी उनके अमेरिका लौटने की पुष्टि की है, हालांकि ईरान की न्यायपालिका ने किसी भी अमेरिकी कैदी की रिहाई या अदला-बदली से साफ इनकार किया है।

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