तेहरान , जुलाई 30 -- ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने गुरुवार को बताया कि उसने अमेरिका के समर्थन से होर्मुज जलडमरूमध्य पार करने की कोशिश कर रहे दो तेल टैंकरों को वापस लौटने पर मजबूर कर दिया।

इस दौरान उनमें से एक टैंकर में भीषण आग लग गयी।

आईआरजीसी ने एक बयान जारी कर बताया कि यह घटना बुधवार रात को हुई, जब दोनों जहाजों ने इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग के 'असुरक्षित दक्षिणी रास्ते' से बाहर निकलने का प्रयास किया।

ईरानी सेना ने कहा, "कल रात अमेरिकी विमानों की शह पर दो तेल टैंकरों ने होर्मुज के असुरक्षित दक्षिणी मार्ग से निकलने की कोशिश की थी। इनमें से एक जहाज में भयानक आग लग जाने के बाद दोनों तुरंत पीछे लौट गये।"आईआरजीसी ने हालांकि इन जहाजों के नामों का खुलासा नहीं किया और न ही अपने इस दावे का कोई प्रत्यक्ष सबूत दिया। इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि भी नहीं हो पायी है।

पश्चिम एशिया में 28 फरवरी को युद्ध छिड़ने के बाद से ईरान का इस प्रमुख समुद्री व्यापारिक मार्ग पर कड़ा नियंत्रण बना हुआ है। युद्ध शुरू होने के बाद ईरान ने साफ कर दिया था कि इस जलमार्ग से गुजरने वाले हर व्यापारिक जहाज को ईरानी अधिकारियों से इजाजत लेनी होगी। इसके अलावा जहाजों को 'फारस की खाड़ी जलडमरूमध्य प्राधिकरण' (पीजीएसए) द्वारा तय किये गये रास्तों पर ही चलना होगा और तय सेवा शुल्क देना होगा।

आईआरजीसी ने अपनी बात पर जोर देते हुए दोहराया कि होर्मुज 'हमारा इलाका' है। उसने सख्त चेतावनी देते हुए कहा, "जब तक अमेरिकी अधिकारियों की धमकियां, बयानबाजी और इस क्षेत्र के समुद्री आवागमन में उनका दखल बंद नहीं होता, तब तक इस रास्ते को दोबारा नहीं खोला जा सकता।"यह बयान चार दिन का युद्धविराम खत्म होने के कुछ ही घंटों बाद आया, जब ईरान ने जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर मिसाइल हमला किया था।

ईरानी हमले के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कड़ा बदला लेने की बात कही और ऐलान किया कि अमेरिका ईरान पर 'बहुत जोरदार' हमला करेगा।

इसके तुरंत बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने बताया कि अमेरिकी सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान के सैन्य कमान केंद्रों, मिसाइल व ड्रोन ठिकानों, तटीय निगरानी केंद्रों, वायु रक्षा प्रणालियों और नौसैनिक ठिकानों पर करारे हवाई हमले किये हैं।

ईरान के सरकारी मीडिया के मुताबिक, होर्मुज में स्थित केश्म द्वीप पर हुए अमेरिकी हमलों में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गयी और दो अन्य लोग घायल हो गये।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित