श्रीनगर , मार्च 06 -- कश्मीर के संवेदनशील इलाके शुक्रवार की सामूहिक नमाज के बाद ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की हत्या के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के किसी भी प्रयास को विफल करने के लिए लगातार पांचवें दिन कड़े सुरक्षा घेरे में रहे।

श्रीनगर के कई संवेदनशील इलाकों, विशेष रूप से लाल चौक के आसपास और कई शिया-बहुल बस्तियों में सुरक्षा उपाय जारी रहे।

लाल चौक की ओर जाने वाली सड़क को कंटीले तारों से सील रखा गया। इससे पैदल चलने वालों के साथ-साथ वाहनों की आवाजाही भी रुक गयी। प्रतिबंधों को लागू करने के लिए इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस और सीआरपीएफ जवानों तैनात थे।

अधिकारियों ने कहा कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने और कानून-व्यवस्था बनाये रखने के लिए शुक्रवार को सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गयी थी। श्रीनगर के डाउनटाउन इलाकों में भी सख्त पाबंदियां लगायी गयीं। कश्मीर के मुख्य मौलवी मीरवाइज उमर फारूक को उनके घर में नजरबंद कर दिया गया।

अधिकारियों के अनुसार, दिन के दौरान स्थिति शांतिपूर्ण रही और किसी भी हिंसक झड़प की सूचना नहीं मिली। एक अधिकारी ने कहा, "आज कुछ विरोध प्रदर्शन हुए, लेकिन वे सभी शांतिपूर्ण थे।" उन्होंने आगे कहा कि स्थिति में सुधार के साथ शनिवार को प्रतिबंध हटाये जाने की संभावना है।

शुक्रवार शाम को हाई-स्पीड इंटरनेट भी बहाल कर दिया गया। पोस्टपेड मोबाइल डेटा को 5जी/4जी/3जी से घटाकर 2जी स्पीड (128 केबीपीएस से अधिक नहीं) कर दिया गया था, जबकि प्रीपेड मोबाइल कनेक्शन पर इंटरनेट सेवाएं और टेक्स्ट मैसेज रविवार से निलंबित थे।

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