, Aug. 26 -- न्यूयॉर्क, 26 अगस्त (स्पूतनिक) ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों से पश्चिम एशिया में अमेरिकी खुफिया ठिकानों और निगरानी उपकरणों को बहुत नुकसान पहुंचा है और इनकी मरम्मत परअरबों डॉलर खर्च होने का अनुमान है। एनबीसी न्यूज ने यह जानकारी दी।
रिपोर्ट के अनुसार हमलों में सीआईए से जुड़े ठिकानों, निगरानी उपकरणों और अमेरिकी सेना के साथ साझा किये जाने वाले उपकरणों को निशाना बनाया गया। इसकी वजह से अमेरिकी कांग्रेस को क्षतिग्रस्त ठिकानों की मरम्मत के लिए धन की व्यवस्था करनी पड़ रही है।
हमलों ने अमेरिकी तैयारियों की गंभीर विफलता को भी उजागर किया है। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी एजेंसियां ईरान के खिलाफ युद्ध में उतरीं, लेकिन उन्होंने ईरान के मिसाइल और ड्रोन शस्त्रागार से अपने सैन्य अड्डों और खुफिया ढांचे की सुरक्षा के लिए पर्याप्त तैयारी नहीं की थी।सीएसआईएस के सेठ जोन्स ने एनबीसी न्यूज से कहा, " अमेरिका इस युद्ध में उतरा और उसने किसी भी तरह से ठिकानों की सुरक्षा पर पर्याप्त रूप से विचार नहीं किया था। "उन्होंने कहा, "और हमें भारी नुकसान उठाना पड़ा।"ईरान के खिलाफ अमेरिका के युद्ध ने मरम्मत का भारी-भरकम खर्च का बोझ डाल दिया है।
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