नयी दिल्ली , मार्च 01 -- कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ईरान पर अमेरिकी हमलों को चिंताजनक बताते हुए कहा है कि अमेरिका ने लक्षित हमले के तहत ईरान के सर्वोच्च नेता अली हुसैनी खमेनी की हत्या की है और वह इसकी कड़ी निंदा करते हैं।

श्री खरगे ने सोशल मीडिया एक्स पर एक बयान में कहा "कांग्रेस ईरान के सर्वोच्च नेता अली हुसैनी खमेनी की बिना औपचारिक युद्ध घोषणा के किए गए सैन्य हमले में लक्षित हत्या की कड़े शब्दों में निंदा करती है। कांग्रेस इस गहरे शोक के क्षण में सर्वोच्च नेता के परिवार, ईरान की जनता और विश्वभर के शिया समुदाय के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करती है और इस गंभीर संकट की घड़ी में उनके साथ एकजुटता से खड़ी है।"उन्होंने कहा कि भारत की विदेश नीति विवादों के शांतिपूर्ण समाधान, संवाद और अंतरराष्ट्रीय कानून के सम्मान की प्रतिबद्धता पर आधारित है, जैसा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51 में निर्दिष्ट है। संप्रभु समानता, गैर-हस्तक्षेप और शांति का संवर्धन के सिद्धांत भारत के सभ्यतागत मूल्यों की आधारशिला हैं। ऐसे में पश्चिम एशिया का यह संघर्ष हमारे 'वसुधैव कुटुम्बकम' (दुनिया एक परिवार है) के सिद्धांत, महात्मा गांधी के अहिंसा सिद्धांत तथा पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की गुटनिरपेक्ष नीति के विपरीत है।

उनका कहना है कि किसी संप्रभु राष्ट्र, चाहे वह ईरान हो या पूर्व में वेनेजुएला की नेतृत्व व्यवस्था और शासन संरचना को अस्थिर करने के लिए लक्षित बल प्रयोग, शासन परिवर्तन की नीतियों और एकतरफा दबाव की चिंताजनक पुनरावृत्ति का संकेत है। यह संयुक्त राष्ट्र के घोषणापत्र का भी उल्लंघन है और विशेषकर अनुच्छेद 2(4), जो किसी भी राज्य की क्षेत्रीय अखंडता या राजनीतिक स्वतंत्रता के विरुद्ध 'बल प्रयोग या उसकी धमकी' को प्रतिबंधित करता है तथा अनुच्छेद 2(7), जो किसी राज्य के आंतरिक अधिकार क्षेत्र के मामलों में हस्तक्षेप को निषिद्ध करता है। किसी वर्तमान राष्ट्राध्यक्ष की लक्षित हत्या इन अंतरराष्ट्रीय नियमों के मूल सिद्धांतों पर आघात है। संप्रभुता सशर्त नहीं होती और राजनीतिक वैधता बलपूर्वक स्थापित नहीं की जा सकती।

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