श्रीनगर , मार्च 26 -- जम्मू-कश्मीर में इस्लामी धार्मिक संगठनों के सबसे बड़े समूह, मुत्तहिदा मजलिस-ए-उलेमा (एमएमयू) का एक प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को नयी दिल्ली के लिए रवाना हुआ।
यह प्रतिनिधिमंडल ईरान के राजदूत से मिलकर अयातुल्ला अली खामेनेई और अन्य प्रमुख नेताओं की हत्या पर शोक व्यक्त करेगा। साथ ही इज़रायल और अमेरिका द्वारा ईरान पर किये गये हमले को लेकर वहां की जनता के प्रति एकजुटता प्रदर्शित करेगा।
इस प्रतिनिधिमंडल में एमएमयू संरक्षक एवं कश्मीर के मुख्य धर्मगुरु मीरवाइज़ उमर फारूक, ग्रैंड मुफ्ती नासिर-उल-इस्लाम, मौलाना रहमतुल्लाह कासमी, आगा सैयद हसन अल-मोसवी और आगा सैयद हादी अल-मोसवी शामिल हैं। एमएमयू द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि मुस्लिम उम्माह के इस सम्मानित और प्रमुख नेता की नृशंस हत्या ने दुनिया भर के लोगों को गहरे सदमे और दुख में डाल दिया है, जिससे ईरान की साहसी जनता को भारी कष्ट और कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
एमएमयू की ओर से जारी बयान में कहा गया, "यह दौरा ईरान के लोगों के प्रति सहानुभूति, समर्थन और भाईचारे का एक संकेत है।"इससे पहले केंद्र शासित प्रदेश की सत्ताधारी पार्टी और विपक्ष के नेताओं ने अयातुल्ला खामेनेई के निधन पर शोक व्यक्त करने और चल रहे युद्ध में देश को समर्थन देने के लिए ईरान के दूतावास का दौरा किया था।
सर्वोच्च नेता की हत्या के बाद कश्मीर में भी बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए, जिसके चलते अधिकारियों को एक हफ़्ते तक सुरक्षा प्रतिबंध लगाने पड़े।
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