तेहरान , अप्रैल 07 -- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दी गई समय सीमा से पहले ही अमेरिका ने ईरान के कई रणनीतिक ठिकानों पर हमले तेज कर दिए हैं। इन हमलों में प्रमुख पुलों और ईरान के मुख्य तेल निर्यात केंद्र 'खर्ग द्वीप' को निशाना बनाया गया है।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इन हमलों की पुष्टि करते हुए स्पष्ट किया कि ये हमले केवल सैन्य उद्देश्यों के लिए थे और अमेरिका की रणनीति में कोई बदलाव नहीं आया है।
श्री वेंस ने कहा, "हमने खर्ग द्वीप पर कुछ सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की योजना बनाई थी और मेरा मानना है कि हमने ऐसा कर दिया है।"दूसरी ओर, ईरान के 'इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स' (आईआरजीसी) ने अमेरिकी और इजरायली हमलों के जवाब में पहली बार 'ट्विन लॉन्च सिस्टम' से मिसाइलें दागकर अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन किया है।
आईआरजीसी के जनसंपर्क विभाग ने मंगलवार को बताया कि इन मिसाइलों ने इजरायल के कब्जे वाले क्षेत्रों के मध्य और दक्षिणी हिस्सों को निशाना बनाया।
इन हमलों की जद में तेल अवीव, ऋषोन लेज़ियों, पेटाह टिकवा और बीर शेवा जैसे 30 से अधिक प्रमुख शहरी और रणनीतिक केंद्र आए। इस कार्रवाई में 'खैबर-शेखन' मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया, जो अपनी अचूक सटीकता के लिए जानी जाती हैं।
आईआरजीसी ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान के खिलाफ हमले नहीं रुके, तो इजरायल के सभी औद्योगिक, सैन्य और बुनियादी ढांचा केंद्रों को नष्ट कर दिया जाएगा।
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