तेहरान , मार्च 03 -- ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने अमेरिकी बलों पर जवाबी कार्रवाई के पहले दो दिनों में भारी हताहत होने का दावा किया है। अमेरिका ने हालांकि इन आंकड़ों को सिरे से खारिज करते हुए भ्रामक बताया है।
आईआरजीसी के एक प्रवक्ता के अनुसार, जवाबी हमलों के दौरान पहले दो दिनों में 650 अमेरिकी सैनिक मारे गए या घायल हुए। उन्होंने दावा किया कि आईआरजीसी की मिसाइलों और ड्रोन ने बहरीन में अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के मुख्यालय को कई बार निशाना बनाया। उन्होंने यह भी कहा कि बहरीन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हुए हमलों में 160 अमेरिकी सैनिक हताहत हुए हैं। अमेरिका ने हालांकि इन आंकड़ों का जोरदार खंडन करते हुए कहा कि यह अतिरंजित और प्रमाणविहीन दावे हैं।
दूसरी ओर, अमेरिकी सेना ने सोमवार शाम को स्थानीय समयानुसार चार बजे तक के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि ईरान के खिलाफ सैन्य अभियानों में छह अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक 18 अन्य सैनिक गंभीर रूप से घायल हुए हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि बहरीन स्थित सैन्य अड्डों पर किसी भी तरह की मौत की सूचना नहीं है।
आईआरजीसी प्रवक्ता ने यह भी दावा किया कि एक अमेरिकी लड़ाकू सहयोगी पोत को मिसाइल हमले में भारी नुकसान पहुंचा है। साथ ही उन्होंने दोहराया कि चार क्रूज़ मिसाइलें अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन पर दागी गईं, जिसके बाद वह दक्षिण-पूर्व दिशा में हिंद महासागर की ओर "भाग' गया।
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