फिरोजाबाद , मार्च 13 -- इजराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के बीच फिरोजाबाद में कांच उद्योग पर भी गैस आपूर्ति में कटौती के कारण संकट के बादल छाने लगे हैं। जिले में कई छोटी चूड़ी इकाइयां बंद हो चुकी है जबकि कुछ बंद होने के कगार पर है।

इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच गहराते हुए युद्ध के संकट का असर पेट्रोलियम पदार्थों पर देखा जा रहा है । फिरोजाबाद की कांच ईकाइयां जो प्राकृतिक गैस से संचालित है। गैस के संकट की स्थिति को देखते हुए भारत पेट्रोलियम मंत्रालय ने कारखाने को दी जाने वाली गैस आपूर्ति के कोठी में 20 फीसदी कटौती करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। जिसकी वजह से कांच कारखाने की उत्पादन क्षमता प्रभावित होने के साथ उत्पादन लागत में बढ़ोतरी हुई है, जो कारखाना मालिकों के लिए चिंता का विषय बन गई है। उत्पादन की लागत बढ़ने से उसकी बिक्री पर भी प्रभावित हो रही है।

फिरोजाबाद ग्लास मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकुमार मित्तल ने बताया कि गैस अर्थारिटी आफ इंडिया लिमिटेड (गेल) द्वारा मिले निर्देशों के अनुसार कांच फैक्ट्री मिलने वाली गैस के कोटे को 20 प्रतिशत कम प्रयोग कर सकेंगी अन्यथा उन्हें अतिरिक्त उपयोग की गई गैस की रेट पर पेनल्टी के रूप में अतिरिक्त भुगतान करना होगा । कारखाना मालिकों के सामने संकट यह है कि उनकी भट्टियां निर्धारित कोटे की अनुरूप बनी हुई है। अब यदि गैस कम मिलती है तो उन्हें भारी नुकसान का सामना करना पड़ेगा। जिसकी वजह से कांच उत्पादन की लागत भी प्रभावित होगी। फिरोजाबाद की कांच इंडस्ट्रीज के लिए यह एक संकट की स्थिति बन गई है।

भारत सरकार द्वारा अतिरिक्त गैस की रेट भी निश्चित नहीं की गई है इसलिए यहां फैक्ट्री के मालकिन असमंजस की स्थिति में है। यदि समय रहते कोई उचित निर्णय नहीं किया जाता है तो फैक्ट्रीयां बंद करने की स्थिति हो सकती है। इसके अलावा बाहर से आने वाले केमिकल भी बराबर महंगे हो रहे हैं और यदि तेल के दाम बढ़ेंगे तो ट्रांसपोर्टेशन भी प्रभावित होने की संभावना की जा रही है।

दि ग्लास इंडस्ट्रियल सिंडीकेट के डायरेक्टर हनुमान प्रसाद गर्ग ने चूड़ी फैक्ट्री मालिकों की समस्याओं पर चर्चा करते हुए बताया कि चूड़ी फैक्ट्री के लिए छोटी भट्टी होने के कारण सीमित गैस उपलब्ध कराई जाती है। यदि उसमें भी कटौती कर दी जाए तो चूड़ी फैक्ट्री को चलाना संभव ही नही है। करीब सौ चूड़ी फैक्ट्रियां संचालित थी। गैस के संकट के कारण उसमें से 30 फैक्ट्री बंद हो चुकी है। यदि कोई और विकल्प नहीं मिलता है तो और फैक्ट्री भी मजबूरन बंद हो जायेगी। फिरोजाबाद कांच उद्योग के सामने सबसे बड़ा संकट है कि टी टी जेड में होने के कारण यहां तेल या कोयले का उपयोग नहीं किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में यह फैक्ट्रियां बंद होती हैं। तो लगभग लाखो लोगों के सामने रोजी-रोटी की समस्या उत्पन्न हो जायेगी।

कारखाने के बंद होने की स्थिति के कारण चूड़ी मजदूर काफी चिंतित नजर आ रहे हैं क्योंकि लाखों की संख्या में 25 किलोमीटर तक के परिवार चूड़ी उद्योग से परोक्ष और अपरोक्ष रूप से जुड़े हुए हैं।

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