वॉशिंगटन/तेलअवीब/तेहरान , मार्च 27 -- पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के पावर ग्रिड और ऊर्जा संयंत्रों पर हमले की अपनी पूर्व घोषित 'अंतिम सीमा' को आगे बढ़ा दिया है। दूसरी ओर, इजरायल ने अपने हमलों का दायरा बढ़ाकर ईरान को भारी कीमत चुकाने की चेतावनी दी है।
श्री ट्रंप ने घोषणा की है कि ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे को नष्ट करने की सैन्य कार्रवाई अब 6 अप्रैल, 2026 तक रोक दी गई है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा कि ईरानी सरकार के अनुरोध और जारी वार्ता में हुई "सकारात्मक प्रगति" के कारण उन्होंने यह 10 दिनों की मोहलत दी है।
गौरतलब है कि ट्रंप लगातार ईरान पर तेल व्यापार के रणनीतिक मार्ग 'होर्मुज जलडमरूमध्य' को फिर से खोलने का दबाव बना रहे हैं। यह हमलों में दूसरी बार की गई देरी है। इससे पहले रविवार को उन्होंने 48 घंटे की मोहलत दी थी, जिसे सोमवार को पांच दिन के लिए बढ़ाया गया था। ट्रंप प्रशासन के इन विरोधाभासी बयानों के बीच सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि जानबूझकर पावर सप्लाई को निशाना बनाने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस सैन्य अभियान की आलोचना बढ़ सकती है।
जहाँ अमेरिका बातचीत का हवाला दे रहा है, वहीं इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल कात्ज ने ईरान को स्पष्ट चेतावनी दी है कि इजरायली सेना अपने हमले "तेज" करेगी और नए लक्ष्यों को निशाना बनाएगी। उन्होंने सैन्य अधिकारियों से कहा, "प्रधानमंत्री नेतन्याहू और मैंने ईरानी आतंकी सरकार को चेतावनी दी थी कि वह इजरायली नागरिकों पर मिसाइलें दागना बंद करे, लेकिन फायरिंग जारी है। इसलिए, अब हमले उन सभी इलाकों तक फैलेंगे जो सरकार को हथियार चलाने में मदद करते हैं।" उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक युद्ध के सभी लक्ष्य पूरे नहीं हो जाते, इजरायल पूरी ताकत से काम करता रहेगा।
गत 28 फरवरी को शुरू हुए इस युद्ध ने ईरान और लेबनान में भारी तबाही मचाई है। इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ रेड क्रॉस के अनुसार, अमेरिकी-इजरायली हमलों में अब तक 1,900 से अधिक लोग मारे गए हैं और 20,000 से अधिक घायल हुए हैं। ईरानी रेड क्रेसेंट वर्तमान में देश भर में काम करने वाला एकमात्र सक्रिय संगठन है। इजरायल के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, ईरान और हिजबुल्लाह के हमलों में अब तक कुल 5,492 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 261 लोग पिछले 24 घंटों में अस्पतालों में भर्ती कराए गए। संयुक्त राष्ट्र ने लेबनान में 'मानवीय तबाही' की वास्तविक आशंका जताई है। लेबनान की 20 प्रतिशत आबादी (लगभग 10 लाख लोग) विस्थापित हो चुकी है। यूनिसेफ ने चेतावनी दी है कि इजरायली हमलों में अब तक 121 बच्चे मारे गए हैं और 3.70 लाख से अधिक बच्चे बेघर हो चुके हैं।
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