नयी दिल्ली , फरवरी 28 -- भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतली ने ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमले को 'स्पष्टतया सैन्य हमला' करार देते हुए शनिवार को कहा कि उनका देश ऐसे बाहरी हमलों के खिलाफ अपने बचाव के अधिकार का इस्तेमाल करेगा।

श्री फतली ने कहा, "इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान पर एक बार फिर अमेरिका और जायोनी शासन ने हमला किया है। आज सुबह रमज़ान के पवित्र महीने के दौरान उन्होंने ईरान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन किया। उन्होंने कई शहरों में टारगेट पर हमला किया, जिसमें सुरखा ढांचे और नागरिक इलाके शामिल हैं।" उन्होंने हमलों को 'स्पष्टतया सैन्य हमला'और कहा कि ये तब हुए जब ईरान और अमेरिका ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर एक राजनयिक प्रक्रिया में लगे हुए थे। उन्होंने कहा कि हालांकि ईरान को परमाणु मुद्दे को सुलझाने को लेकर अमेरिका के दावों पर पूरा भरोसा नहीं था, फिर भी ईरान ने बातचीत में हिस्सा लिया, ताकि अमेरिका और उसके सहयोगी के पास युद्ध के लिए कोई बहाना न रहे।

श्री फतली ने कहा "हमारे शक के बावजूद ईरान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यह दिखाने के लिए बातचीत जारी रखने का फैसला किया कि ईरान शांति चाहता है।"उन्होंने कहा कि ईरान ने 'युद्ध के लिए कोई बहाना न रहे' और यह दिखाने की कोशिश की थी कि उसने जिम्मेदारी से काम किया है, लेकिन अमेरिका और जायोनी शासन की मिली-जुली कार्रवाई एक बार फिर साबित करती है कि वे भरोसेमंद नहीं हैं। इससे पता चलता है कि उनका असली मकसद अपने नाजायज फायदों को सुरक्षित करने के लिए दबाव डालना, धमकी देना और मिलिट्री हमला करना है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित