तेल अवीव , मार्च 22 -- इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दक्षिणी शहर अराद का दौरा किया और ईरान के खिलाफ प्रतिशोध का संकल्प लेते हुए कहा कि वह बढ़ते युद्ध के बीच इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के वरिष्ठ कमांडरों का व्यक्तिगत रूप से पीछा करेंगे।

नुकसान का निरीक्षण करते हुए श्री नेतन्याहू ने उल्लेख किया कि हालिया हमलों ने ईरान की ओर से उत्पन्न व्यापक वैश्विक खतरे को उजागर किया है। उन्होंने कहा, "अगर आपको इस बात का सबूत चाहिए कि ईरान पूरी दुनिया को खतरे में डाल रहा है तो पिछले 48 घंटों ने यह दे दिया है। पिछले 48 घंटों में ईरान ने नागरिक क्षेत्र को निशाना बनाया। वे इसे सामूहिक हत्या के हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।"रिपोर्टों के अनुसार, अराद पर हुए हमले से इमारतों और सुविधाओं को व्यापक नुकसान पहुंचा है, हालांकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। अधिकारियों ने कहा कि यह परिणाम किसी रणनीति से ज्यादा एक 'संयोग' था, क्योंकि भारी वारहेड ले जाने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों के प्रभाव के बाद इमारतें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गयीं और आग लग गयी।

श्री नेतन्याहू ने तेल अवीव की कार्रवाइयों को ईरान के खिलाफ व्यापक अंतरराष्ट्रीय प्रयास के हिस्से के रूप में पेश करते हुए कहा, "हम पूरी दुनिया के लिए मिलकर काम कर रहे हैं और अब समय आ गया है कि बाकी देशों के नेता भी साथ आयें।"उन्होंने ईरान का मुकाबला करने के लिए व्यापक वैश्विक समर्थन के अमेरिकी आह्वान को दोहराया।

इजरायली नेता ने यह दावा भी किया कि ईरान ने हिंद महासागर में डिएगो गार्सिया स्थित संयुक्त अमेरिका-ब्रिटेन सैन्य सुविधा की ओर एक अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च की है। एक ऐसा कदम, जिसकी पुष्टि होने पर संघर्ष का भौगोलिक दायरा काफी बढ़ जायेगा।

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