वाशिंगटन , जुलाई 25 -- अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस महीने की शुरुआत में तुर्की में आयोजित नाटो सम्मेलन से लौटते समय कथित ईरानी हमले की आशंका के कारण पुराने एयर फोर्स वन विमान का इस्तेमाल किया था। सीबीएस न्यूज ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से यह जानकारी दी है।
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को राष्ट्रपति के विमान पर मिसाइल हमले की एक विश्वसनीय साजिश की जानकारी मिली थी। इसके बाद सीक्रेट सर्विस ने एहतियाती कदम उठाते हुए राष्ट्रपति की यात्रा व्यवस्था में बदलाव किया। द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, यह कथित खतरा ईरान और उससे जुड़े सहयोगी समूहों की ओर से उत्पन्न हुआ था।
श्री ट्रंप नाटो शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए नये एयर फोर्स वन विमान से अंकारा पहुंचे थे। यह बोइंग 747-8 विमान कतर की ओर से उपहार स्वरूप दिया गया था, जिसे अमेरिका ने पिछले वर्ष स्वीकार किया था। लगभग 40 करोड़ डॉलर मूल्य के इस विमान में राष्ट्रपति की सेवा में शामिल किए जाने से पहले कई महीनों तक तकनीकी संशोधन किये गये थे।
शिखर सम्मेलन समाप्त होने के बाद श्री ट्रंप तुर्की की राजधानी अंकारा से ब्रिटेन तक पुराने एयर फोर्स वन विमान से गये और वहां से अमेरिका की अंतिम यात्रा के लिए फिर नये विमान में सवार हुए।
यात्रा के दौरान विमान बदलने के फैसले के बाद नये विमान की सुरक्षा क्षमताओं को लेकर सवाल उठे। सीबीएस न्यूज ने पहले बताया था कि ईरान के साथ जारी तनाव को देखते हुए सीक्रेट सर्विस ने एहतियात के तौर पर यह बदलाव करने की सिफारिश की थी।
मामले से परिचित सूत्रों के अनुसार, मौजूदा एयर फोर्स वन बेड़े में आने वाली मिसाइलों को निष्क्रिय करने के लिए लेजर तकनीक सहित अत्याधुनिक रक्षा प्रणालियां और निर्देशित हथियारों को भटकाने वाले अन्य प्रतिरक्षा उपकरण लगे हैं। यह स्पष्ट नहीं है कि कतर से मिले नये विमान में भी इसी प्रकार की सुरक्षा प्रणाली उपलब्ध है या नहीं।
इस सप्ताह व्हाइट हाउस ने कहा कि नये विमान में अतिरिक्त उन्नयन कार्य पूरा होने तक राष्ट्रपति पुराने एयर फोर्स वन का ही इस्तेमाल करेंगे।
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