ब्रसेल्स , जून 15 -- यूरोपीय आयोग (ईयू) की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए नये समझौते का स्वागत करते हुए इसे लंबे समय से चल रहे कूटनीतिक प्रयासों का परिणाम बताया है। उन्होंने कहा कि अब सबसे बड़ी जरूरत समझौते को सभी पक्षों द्वारा तेजी और पूरी तरह लागू करने की है।
सुश्री वाॅन डेर लेयेन ने कहा कि समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को तत्काल खोला जाना चाहिए और वहां बिना किसी शुल्क के समुद्री आवाजाही बहाल होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह कदम क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक अर्थव्यवस्था, दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि यह समझौता पश्चिम एशिया में शांति और सुरक्षा से जुड़े व्यापक मुद्दों पर आगे की बातचीत का रास्ता खोल सकता है। इसमें ईरान के परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों के साथ-साथ क्षेत्र में उसकी गतिविधियों से जुड़े मुद्दे भी शामिल हैं।
यूरोपीय आयोग प्रमुख ने कहा कि लेबनान में तनाव बने रहने तक स्थायी शांति संभव नहीं है। उन्होंने लेबनान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान के साथ वास्तविक युद्धविराम की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि फ्रांस के एवियां-ले-बैंस में होने वाली आगामी बैठकों में जी-7 देशों के नेता खाड़ी क्षेत्र और पश्चिम एशिया के साझेदार देशों के साथ इन मुद्दों पर चर्चा करेंगे। यूरोप इस संकट के समाधान में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार है।
उन्होंने हालिया संघर्ष से मिले सबक का जिक्र करते हुए कहा कि ऊर्जा पर निर्भरता को एक बार फिर हथियार की तरह इस्तेमाल किया गया है।
उन्होंने कहा, " ऊर्जा आपूर्ति के स्रोतों में विविधता लाना और वैकल्पिक निर्यात गलियारों का विकास करना जरूरी है, ताकि होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे रणनीतिक मार्गों पर निर्भरता कम की जा सके। "सुश्री वॉन डेर लेयेन ने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दे एवियां में होने वाली वार्ताओं के प्रमुख विषय रहेंगे।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित