ब्रसेल्स , अप्रैल 20 -- यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने सोमवार को जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला द्वितीय के साथ बातचीत की और पश्चिम एशिया में स्थिरता के प्रति यूरोपीय संघ (ईयू) की प्रतिबद्धता दोहराई तथा होर्मुज जलडमरूमध्य को बिना किसी शर्त के पूरी तरह खोलने पर जोर दिया।

श्री कोस्टा ने कहा कि ईयू के नेता इस सप्ताह के अंत में साइप्रस में होने वाली एक अनौपचारिक बैठक में पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय भागीदारों के साथ चर्चा करेंगे। उन्होंने जोर दिया कि पश्चिमी एशिया में शांति और स्थिरता ईयू की प्राथमिकता है और वे जॉर्डन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रीय भागीदारों के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने राजा अब्दुल्ला द्वितीय के अनुभव और समझ की भी सराहना की।

बातचीत के बाद श्री कोस्टा ने दोहराया कि ईयू इस चुनौतीपूर्ण समय में अपने सहयोगियों के साथ खड़ा है और राजनयिक प्रयासों का समर्थन करता है। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि समुद्री व्यापार के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना उनकी प्रमुख प्राथमिकता है।

लेबनान की स्थिति पर चिंता जताते हुए श्री कोस्टा ने कहा, "किसी भी शांति पहल की सफलता के लिए हिजबुल्लाह का हथियार डालना आवश्यक है।" उन्होंने स्पष्ट किया कि लेबनान में स्थिरता बहाल करने के लिए वहां के अधिकारियों का समर्थन जारी रहेगा और यूरोपीय संघ मानवीय सहायता एवं पुनर्निर्माण के लिए भी तैयार है। इसके अलावा, गाजा और वेस्ट बैंक के मुद्दे भी यूरोपीय संघ के एजेंडे में शीर्ष पर हैं।

इससे पहले, अध्यक्ष ने अमेरिका की नयी सुरक्षा रणनीति की भी आलोचना की, विशेष रूप से यूरोप में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर की गई टिप्पणियों पर उन्होंने सवाल उठाए।

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