अलवर , मई 28 -- राजस्थान में मुस्लिम समुदाय ने अलवर जिले में गुरुवार को ईद-उल-अजहा का पर्व उत्साह और अकीदत के साथ से मनाया गया।
शहर के नया बास स्थित ईदगाह में आज सुबह आठ बजे मेव समाज के लोगों ने सामूहिक रूप से ईद की नमाज अदा की। नमाज के दौरान देश में अमन, भाईचारे और खुशहाली की दुआ मांगी गई। सुबह से ही ईदगाह परिसर में लोगों की भीड़ उमड़ने लगी थी। छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी में ईद को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।
नमाज अदा करने के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी और भाईचारे का संदेश दिया। इस अवसर पर मौलाना मोहम्मद अमजद ने कहा कि ईद-उल-अजहा कुर्बानी, त्याग और इंसानीयत का पर्व है। उन्होंने कहा कि यह त्योहार हमें एक-दूसरे की मदद करने, गरीबों का ख्याल रखने और समाज में प्रेम एवं सौहार्द बनाए रखने की सीख देता है। नया बास ईदगाह के मौलाना अमजद ने लोगों से आपसी भाईचारा बनाए रखने और देश की तरक्की एवं शांति के लिए मिलकर कार्य करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि यह जरूरी नहीं कि इस पर्व पर जानवरों की कुर्बानी की जाए इस पर हमारे अंदर जो बुराइयां हैं उनकी भी कुर्बानी की जानी चाहिए।
ईद को लेकर पूरे क्षेत्र में खुशी और उत्साह का माहौल दिखाई दिया। लोगों ने नमाज के बाद अपने रिश्तेदारों और परिचितों से मुलाकात करके त्योहार की खुशियां साझा कीं। वहीं प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद नजर आई, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।
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