नयी दिल्ली , मार्च 23 -- प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के श्रीनगर जोनल कार्यालय ने आज बताया कि उसने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत 16,86,465 रुपये की काली कमाई को कुर्क किया है।

कुर्क की गयी यह राशि करोल बाग स्थित एचडीएफसी बैंक में 'जीविका फाउंडेशन्स' के नाम से संचालित बैंक खाते में जमा है। इस खाते का संचालन आरोपी गौरव कुमार करता है, जिसके बारे में आरोप है कि वह 'डिजिटल अरेस्ट' के नाम से मशहूर एक सुनियोजित साइबर धोखाधड़ी रैकेट में शामिल है।

ईडी ने कश्मीर जोन के साइबर पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर और श्रीनगर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष दायर प्रारंभिक आरोप पत्र के आधार पर पीएमएलए जांच शुरू की थी। जांच से पता चला है कि गौरव कुमार ने गुरप्रीत सिंह, उज्ज्वल चौहान और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर ट्राई और सीबीआई जैसी एजेंसियों का अधिकारी बनकर लोगों को ठगा। पीड़ितों को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में शामिल होने का झांसा देकर उन्हें गिरफ्तार करने की धमकी दी गयी। मानसिक दबाव और डर के कारण पीड़ितों को अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट तुड़वाने और पैसे हस्तांतरित करने के लिए मजबूर किया गया।

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