नयी दिल्ली , जनवरी 13 -- प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने किशोर वाधवानी, नितेश वाधवानी, पूनम वाधवानी और दबंग दुनिया प्रकाशन प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ एक विशेष धन शोधन अदालत के समक्ष आरोप पत्र दायर किया है।
ईडी के इंदौर सब-जोनल कार्यालय ने मंगलवार को कहा कि अदालत ने आरोपपत्र पर संज्ञान ले लिया है। ईडी ने यह जांच मध्यप्रदेश के इंदौर स्थित तुकोगंज थाना द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत शुरू की थी। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया था कि किशोर वाधवानी, नितेश वाधवानी तथा अन्य लोगों ने मिलकर अवैध रूप से अर्जित धन को वैध आय में बदलने के लिए सरकार को धोखा देने की साजिश रची।
जांच में यह सामने आया कि सीजीएसटी विभाग ने दबंग दुनिया पब्लिकेशंस प्राइवेट लिमिटेड (डीडीपीपीएल) और एलोरा टोबैको कंपनी लिमिटेड के बीच सीधा संबंध स्थापित किया है। एलोरा टोबैको कंपनी लिमिटेड अवैध रूप से सिगरेट के गुप्त कारोबार में संलिप्त पायी गयी थी। जांच के अनुसार, अवैध सिगरेट बिक्री से प्राप्त नकद राशि को डीडीपीपीएल की लेखा पुस्तकों के माध्यम से दिखाया गया। यह कार्य किशोर वाधवानी और उनके सहयोगियों द्वारा अखबार की प्रसार संख्या बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने तथा फर्जी विज्ञापनों के जरिए किया गया।
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए फर्जी कर चालान तैयार किये गये और समाचार पत्रों की प्रसार संख्या को फर्जी रूप से बढ़ाया गया। अवैध धन के स्रोतों को छिपाने के उद्देश्य से इन राशियों को कई लेन-देन के जरिए इधर-उधर घुमाया गया। इस मामले में अपराध की आय 11.66 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गयी है। जांच के दौरान ईडी ने 11.33 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों के संबंध में अस्थायी कुर्की आदेश भी जारी किया था।
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