नयी दिल्ली , जून 02 -- प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मध्यप्रदेश में अलीराजपुर के पूर्व जिला आबकारी अधिकारी धर्मेंद्र सिंह भदौरिया और उनके परिवार के सदस्यों की 18.20 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है।
ईडी के भोपाल क्षेत्रीय कार्यालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
ईडी ने अपनी जांच धन-शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत शुरू की। यह जांच विशेष पुलिस स्थापना (एसपीई), लोकायुक्त, इंदौर द्वारा दर्ज की गयी एक प्राथमिकी के आधार पर की गयी। यह प्राथमिकी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (2018 में संशोधित) की धारा 13(1)(बी) के साथ पढ़ी जाने वाली धारा 13(2) के तहत भदौरिया के खिलाफ दर्ज की गई थी। उन पर आरोप था कि उन्होंने अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति जमा कर रखी थी।
भदौरिया ने जांच के अनुसार 1987 से 31 अगस्त 2025 तक की जांच अवधि के दौरान अपनी आय के ज्ञात स्रोतों से बहुत अधिक संपत्ति जमा कर ली थी।लगभग दो करोड़ रुपये की वैध आय के मुकाबले यह पाया गया कि उन्होंने और उनके परिवार के सदस्यों ने लगभग 11.18 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित की थी और खर्च किया था। इसके परिणामस्वरूप उनके पास लगभग 9.18 करोड़ रुपये की संपत्ति पायी गयी, जो उनकी ज्ञात आय से लगभग 459 प्रतिशत अधिक थी।
ईडी ने बताया कि मूल एजेंसी द्वारा भदौरिया और उनके परिवार के सदस्यों से जुड़े कई ठिकानों और बैंक लॉकरों पर की गयी तलाशी के दौरान भारी मात्रा में नकदी, सोने के आभूषण, बुलियन, चांदी की वस्तुएं और अन्य कीमती सामान बरामद और जब्त किये गये। भदौरिया ने पीएमएलए जांच के दौरान जब्त की गयी नकदी और आभूषणों पर अपना मालिकाना हक स्वीकार कर लिया।
एजेंसी ने कहा कि हालांकि वह इन संपत्तियों को हासिल करने के संबंध में कोई विश्वसनीय स्पष्टीकरण, वैध स्रोत या सहायक दस्तावेजी सबूत देने में असफल रहे।
ईडी ने पीएमएलए, 2002 की धारा 5(1) के तहत लगभग 18.20 करोड़ रुपये की संपत्ति को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है। कुर्क की गयी संपत्तियों में नकदी, आभूषण, कीमती धातुएं और अचल संपत्तियां शामिल हैं, जिनकी पहचान अपराध से अर्जित संपत्ति या उनके बराबर मूल्य के रूप में की गयी है।
यह कुर्की संपत्तियों को छिपाने, हस्तांतरित करने या बेचने से रोकने और कानून के तहत जब्ती की कार्यवाही को आसान बनाने के लिए की गयी है। जांच जारी है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित