नयी दिल्ली , जनवरी 13 -- प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के चंडीगढ़ क्षेत्रीय कार्यालय ने संदीप यादव और अन्य से जुड़े भूमि धोखाधड़ी मामले में 10.86 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्ति जब्त की है।
ईडी के सूत्रों के मुताबिक हरियाणा पुलिस ने संदीप यादव, मनोज यादव और अन्य के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के आधार पर धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत जांच शुरू की थी। जांच के तहत जब्त की गई संपत्तियों में 6.06 करोड़ रुपये मूल्य के फ्लैट और जमीन के साथ-साथ 4.79 करोड़ रुपये मूल्य के रामिफी टोकन (क्रिप्टो वॉलेट में रखे गए) शामिल हैं।
जांच में पता चला कि संदीप यादव ने मनोज यादव और मोहन शर्मा के साथ मिलकर कथित तौर पर अपने करीबी सहयोगियों के साथ लोगों को ठगने की साजिश रची। इस धोखाधड़ी से प्राप्त धन को चल और अचल संपत्तियों के साथ-साथ क्रिप्टोकरेंसी में निवेश किया गया।
विस्तृत वित्तीय जांच में पाया गया कि संदीप यादव और उसके सहयोगियों ने कथित तौर पर लगभग 20 लोगों को ठगा। यह धोखाधड़ी भूखंडों की फर्जी बिक्री और क्रिप्टोकरेंसी निवेश पर असाधारण रूप से उच्च रिटर्न का वादा करके निवेशकों को लुभाने के माध्यम से की गई थी। इससे लगभग 26.54 करोड़ रुपये की धन राशि प्राप्त हुई। आरोपियों ने कई लोगों को फर्जी संपत्ति खरीद-बिक्री के लेन-देन में फंसाकर और क्रिप्टोकरेंसी निवेश पर उच्च रिटर्न का झूठा आश्वासन देकर ठगा। ठगी से प्राप्त धनराशि को तृतीय-पक्ष बैंक खातों के माध्यम से निकाला गया और बाद में नकद में निकाल लिया गया, जिसमें अधिकांश लेन-देन नकद में ही किए गए।
इससे पहले, इस मामले में 10 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया गया था, जिसमें 17 करोड़ रुपये की क्रिप्टोकरेंसी बरामद हुई थी। इसके अतिरिक्त, संदीप यादव और उनके सहयोगियों से जुड़े विभिन्न बैंक खातों में जमा 46 लाख रुपये को पीएमएलए, 2002 के प्रावधानों के तहत फ्रीज कर दिया गया था।
मामले की आगे की जांच जारी है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित