रायपुर , अप्रैल 28 -- छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बहुचर्चित भारत माला परियोजना से जुड़े कथित मुआवजा अनियमितता प्रकरण में सोमवार को धमतरी जिले में व्यापक कार्रवाई करते हुए कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार ईडी की टीम ने राइस मिल संचालक रोशन चंद्राकर तथा भाजपा से जुड़े भूपेंद्र चंद्राकर के परिजनों के ठिकानों को निशाना बनाया। देर रात तक चली इस कार्रवाई के बाद मंगलवार सुबह जांच एजेंसी ने महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त कर आगे की जांच के लिए अपने कब्जे में ले लिए। प्रारंभिक जांच के आधार पर इस मामले में अन्य लोगों के नाम भी सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
जांच एजेंसियों को संदेह है कि भारत माला परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की गईं। आरोप है कि कुछ मामलों में कृषि भूमि को पूर्व तिथि में गैर-कृषि भूमि दर्शाकर उसका मुआवजा कई गुना बढ़ा दिया गया। साथ ही, एक ही भूमि खंड को कागजों में विभाजित कर अलग-अलग व्यक्तियों के नाम पर मुआवजा जारी करने जैसी गड़बड़ियों की भी आशंका है।
बताया जा रहा है कि इस पूरे प्रकरण में राजस्व विभाग के कुछ अधिकारियों और बिचौलियों की मिलीभगत की जांच की जा रही है। इससे पहले भी ईडी और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा रायपुर और महासमुंद में कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में संपत्तियां संलग्न की जा चुकी हैं और नकदी बरामद हुई है।
मामले में पूर्व में कुछ अधिकारियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि जांच एजेंसियों ने कई आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र भी प्रस्तुत किया है। ईडी की ताजा कार्रवाई को इस प्रकरण में अहम कड़ी माना जा रहा है, जिससे आगे और बड़े खुलासे होने की संभावना है।
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