दुर्ग , सितंबर 01 -- छत्तीसगढ़ के भिलाई में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निजी सहायक रहे केके चंद्राकर के आवास पर मंगलवार को दबिश देकर जांच शुरू की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ईडी की टीम आज सुबह करीब छह बजे दो-तीन गाड़ियों से केके चंद्राकर के घर पहुंची। अधिकारियों की टीम आवास पर मौजूद दस्तावेजों और अन्य जरूरी सामान की जांच कर रही है। कार्रवाई को देखते हुए घर के बाहर पुलिस बल भी तैनात किया गया है।
ईडी की इस कार्रवाई को लेकर फिलहाल आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि केके चंद्राकर के आवास पर की जा रही जांच किस मामले से संबंधित है। कार्रवाई की वजह और इससे जुड़े अन्य तथ्यों को लेकर ईडी की आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
उल्लेखनीय है कि करीब 12 दिन पहले भी ईडी ने कथित शराब घोटाला मामले में रायपुर, दुर्ग-भिलाई और धमतरी में अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दी थी। रायपुर में कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल के अनुपम नगर स्थित निवास और धमतरी में सिहावा रोड स्थित उनके घर पर करीब नौ घंटे तक कार्रवाई चली थी। इस दौरान टीम कुछ अहम दस्तावेज अपने साथ लेकर गई थी।
रामगोपाल अग्रवाल को शराब, कोल और कस्टम मिलिंग घोटाले में आरोपी बनाया गया है। इसी कार्रवाई के दौरान दुर्ग में बिल्डर सजल जैन और विश्वास गुप्ता के घर पर भी ईडी की टीम पहुंची थी। करीब सात अफसरों की टीम ने दोनों ठिकानों पर जांच की थी।
छत्तीसगढ़ के कथित शराब घोटाले की जांच ईडी के साथ आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) भी कर रही है। जांच एजेंसियों के अनुसार साल 2019 से 2022 के बीच सरकारी शराब बिक्री व्यवस्था में कथित रूप से सिंडिकेट बनाकर अवैध शराब की बिक्री, कमीशनखोरी और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाया गया।
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