नयी दिल्ली , मार्च 24 -- प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने डीबी स्टॉक कंसल्टेंसी के मालिक दीपांकर बर्मन और अन्य के खिलाफ जांच के सिलसिले में 13.41 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है।
ईडी के गुवाहाटी क्षेत्रीय कार्यालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
ईडी अधिकारियों ने बताया कि गुवाहाटी के पलटन बाजार पुलिस थाने में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर पीएमएलए जांच शुरू की थी। बाद में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने इस मामले में फिर से मामला दर्ज किया था। जांच से पता चला कि दीपांकर बर्मन के स्वामित्व वाली प्रोप्राइटरशिप फर्म डीबी स्टॉक कंसल्टेंसी ने 2021 से अगस्त 2024 के बीच गुवाहाटी से अनियमित जमा योजना संचालित की थी। फर्म ने पांच योजनाओं के तहत जनता से जमा राशि एकत्र की और 1.25 प्रतिशत साप्ताहिक से लेकर 120 प्रतिशत वार्षिक तक के असामान्य रूप से उच्च रिटर्न का वादा किया।
उन्होंने बताया कि आरोपियों ने शैक्षणिक संस्थानों में प्रचार कार्यक्रमों, ह्वाट्सएप समूहों और मौखिक प्रचार से भारत भर के 15,507 निवेशकों को लगभग 400.14 करोड़ रुपये जमा करने के लिए प्रेरित किया। आरोपियों ने पारंपरिक 'पोंजी स्कीम' चलायी, जिसमें बाद के निवेशकों से एकत्र किये गये धन का उपयोग कर पुराने निवेशकों को भुगतान किया जाता था। फर्म के पास कोई स्थायी व्यावसायिक मॉडल नहीं था, जो निवेशकों से किये वादे के अनुसार रिटर्न उत्पन्न कर सके। यह न तो गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी के रूप में पंजीकृत थी, न ही भारतीय रिजर्व बैंक की सार्वजनिक जमा स्वीकार करने के लिए अधिकृत थी। जब नये निवेश में गिरावट के बाद यह योजना पूरी तरह चरमरा गयी तब मुख्य आरोपी दीपांकर बर्मन 18 अगस्त 2024 को फरार हो गया था। इससे हजारों निवेशकों को न तो उनका वादा किया गया रिटर्न मिला, न ही मूल राशि। बाद में उसे असम पुलिस और सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया था।
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