नयी दिल्ली , अप्रैल 09 -- प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तस्करी के एक मामले में निलंबित चल रहे कोलकाता एयर कार्गो कॉम्प्लेक्स के तत्कालीन उपायुक्त नवनीत कुमार की 48.61 लाख रुपये की अचल संपत्ति कुर्क की है।
ईडी के कोलकाता क्षेत्रीय कार्यालय ने गुरुवार को बताया कि उसने यह कार्रवाई केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा नवनीत कुमार और अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज प्राथमिकी के आधार पर की है। यह मामला कोलकाता एयर कार्गो कॉम्प्लेक्स में बड़े पैमाने पर गलत घोषणाओं के माध्यम से खेपों की अवैध निकासी और संगठित तस्करी से जुड़ा है, जिससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान हुआ।
जाँच के दौरान सीबीआई की पटना टीम द्वारा नवनीत कुमार के खिलाफ एक और प्राथमिकी दर्ज की गई थी। यह मामला संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा में शामिल होने के लिए जाली शैक्षिक और जन्म प्रमाण पत्र बनाने तथा डिग्री दस्तावेजों में हेरफेर करने के आरोपों से संबंधित है।
मामले का खुलासा पांच जून, 2017 को हुआ था, जब राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने कोलकाता हवाई अड्डे के एयर कार्गो कॉम्प्लेक्स पर अचानक छापेमारी की थी। इस दौरान 19 खेप (कंसाइनमेंट) जब्त किए गए थे, जिनके बारे में गलत जानकारी दी गई थी। मूल्यांकन के बाद इन वस्तुओं की कीमत लगभग 194 करोड़ रुपये पाई गई, जबकि घोषित मूल्य केवल 44.54 लाख रुपये था।
जाँच में पता चला कि तस्कर बिचौलियों के माध्यम से खेप की संवेदनशील जानकारी नवनीत कुमार के साथ पहले ही साझा कर देते थे। इसके बाद वह अपने अधीनस्थ अधिकारियों को केवल उन्हीं पैकेजों की जाँच करने का निर्देश देते थे जो घोषणा के अनुरूप होते थे, जबकि गलत सामान वाली खेपों को जाँच से बचा लिया जाता था। उच्च मूल्य वाली खेपों को सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बिना 'मैनुअल आउट ऑफ चार्ज' आदेशों के माध्यम से नियमों का उल्लंघन कर निकाला गया ताकि पकड़े जाने से बचा जा सके।
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