बेंगलुरु , सितंबर 12 -- कर्नाटक के मंत्री सतीश जारकीहोली ने शनिवार को प्रवर्तन निदेशालय के वित्तीय अनियमितताओं एवं विदेशी निवेश के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि एजेंसी का बयान कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं है और अगर उन्हें नोटिस मिलता है तो वह हर आरोप का जवाब देने के लिए तैयार हैं।
उनके खिलाफ मौजूदा जांच पर ईडी की ओर से जारी किए गए प्रेस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए श्री जारकीहोली ने कहा कि एजेंसी ने खुद ही इन लेन-देन को संदिग्ध और आरोप बताया है इसलिए उनके दावों को स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता है।
उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा, "ईडी ने कहा है कि वित्तीय गड़बड़ी का शक है। उन्होंने यह नहीं कहा है कि हमने ऐसा किया है। उन्होंने बस इतना कहा है कि शक है और आगे की जांच चल रही है।"मंत्री ने कहा कि अगर ईडी नोटिस भेजती है तो वह जांच में पूरा सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा, "उन्हें नोटिस जारी करने दें। अगर वे पूछताछ के लिए बुलाते हैं तो हम जाएंगे। उनके पास जो दस्तावेज़ हैं, वे हमें दें और हम अपने दस्तावेज़ देंगे। मैं हर सवाल का जवाब दूंगा।"श्री जारकीहोली ने कथित विदेशी निवेश के आधार पर सवाल उठाए, खासकर उस दावे पर जिसमें बड़ी हिस्सेदारी की बात कही गई थी। उन्होंने कहा कि इन लेन-देन को आधिकारिक रिकॉर्ड के ज़रिए साबित करना होगा।
उन्होंने कहा, "अगर कोई निवेश हुआ है तो वह कहां है? अगर 40 प्रतिशत निवेश का आरोप लगाया जा रहा है तो वह निवेश कहां है? लेन-देन दिखाना होगा। जैसा आरोप लगाया जा रहा है, उस तरह से यहां से पैसे नहीं गए हैं।"उन्होंने कहा कि ईडी की जांच अभी शुरुआती चरण में है और किसी पक्के नतीजे तक पहुंचने में कई महीने लग सकते हैं।
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