मुंबई , सितंबर 11 -- प्रवर्तन निदेशालय की ओर से ऊंचे पदों के लिए हाल ही में शुरू की गई भर्ती प्रक्रिया ने महाराष्ट्र में ज़बरदस्त राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) विधायक रोहित पवार ने इसे लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है।

सोशल मीडिया पर श्री पवार ने ईडी द्वारा अतिरिक्त निदेशक और संयुक्त निदेशक जैसे अहम पदों के लिए आवेदन मंगाने के समय और इसके पीछे के मकसद पर सवाल उठाये हैं। केंद्रीय एजेंसियों के आक्रामक उपयोग की ओर सीधे इशारा करते हुए उन्होंने दावा किया कि यह कदम बड़े पैमाने पर छापेमारी की एक नई लहर का संकेत है, जिसका मकसद देश में बढ़ते राजनीतिक विपक्ष की आवाज़ को दबाना है।

श्री पवार ने कहा कि जांच एजेंसियों की बढ़ती सक्रियता का उपयोग विपक्षी दलों पर दबाव डालकर उन्हें अपनी बात मानने के लिए मजबूर करने में किया जायेगा। उन्होंने विशेष रूप से संसद में जल्द ही पेश होने वाले परिसीमन विधेयक की ओर इशारा किया।

सत्तारुढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)पर सीधा निशाना साधते हुए श्री पवार ने केंद्रीय एजेंसी के प्रशासनिक विस्तार को भविष्य की चुनावी महत्वाकांक्षाओं से जोड़ा और एक तीखा सवाल किया "क्या यह 2029 में सत्ता में उनकी वापसी सुनिश्चित करने की तैयारी है?"राकांपा (एसपी) नेता ने ज़ोर देकर कहा कि डर का माहौल बनाने और अपने फ़ायदे वाले राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए जांच एजेंसियों का उपयोग लोकतांत्रिक संरचना को कमज़ोर करता है।

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