पांढुर्णा , अक्टूबर 23 -- मध्यप्रदेश में पांढुर्णा जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिराठा में पदस्थ चिकित्सा अधिकारी डॉ. जितेश गोन्नाडे के ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र को लेकर हुई जांच में अनियमितताएं सामने आई हैं। जांच प्रतिवेदन के अनुसार, प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करते समय डॉक्टर ने अपनी और परिवार की संपत्तियों का उल्लेख नहीं किया था। मामले में प्रमाण पत्र जारी करने वाले अधिकारी और संबंधित पटवारी के विरुद्ध भी अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की गई है।
जांच के अनुसार, डॉ. गोन्नाडे ने आवेदन में परिवार की वार्षिक आय 7 लाख 2 हजार रुपये बताई थी। नगरपालिका और राजस्व विभाग के अभिलेखों की पड़ताल में डॉक्टर और उनके माता-पिता के नाम पर आवासीय तथा कृषि संपत्तियां दर्ज होने की जानकारी सामने आई। प्रतिवेदन में पांढरी वार्ड में 800 वर्गफीट का आवासीय भवन, बम्हणी में आवासीय भूमि तथा देवखापा में उनकी माता के नाम 0.483 हेक्टेयर कृषि भूमि का उल्लेख किया गया है। जांच में इन संपत्तियों की जानकारी आवेदन, शपथ पत्र अथवा दिए गए कथनों में नहीं मिलने की बात कही गई है।
तहसीलदार पांढुर्णा, नगरपालिका परिषद तथा राजस्व विभाग से प्राप्त प्रतिवेदनों के आधार पर जांच में निष्कर्ष निकाला गया कि डॉक्टर निर्धारित ईडब्ल्यूएस पात्रता की शर्तें पूरी नहीं करते थे। उन्हें 31 जनवरी 2023 को जारी प्रमाण पत्र की वैधता वर्ष 2022-23 तक थी। कलेक्टर पांढुर्णा नीरज कुमार वशिष्ठ ने जांच प्रतिवेदन आवश्यक कार्रवाई के लिए कलेक्टर छिंदवाड़ा हरेंद्र नारायण को भेज दिया है। मामले में आगे की कार्रवाई संबंधित स्तर पर की जाएगी।
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