डबलिन , अगस्त 15 -- पूर्व भारतीय ऑलराउंडर विजय शंकर यूरोपीय टी-20 प्रीमियर लीग (ईटीपीएल) में डबलिन गार्डियंस के लिए खेलेंगे।
मई में भारतीय घरेलू क्रिकेट और आईपीएल से संन्यास लेने के बाद यह विजय की दूसरी टी-20 फ्रैंचाइजी लीग होगी। भारत के पूर्व बल्लेबाजी कोच विक्रम राठौर जो कि वर्तमान में आईपीलए में राजस्थान रॉयल्स के सपोर्ट स्टाफ का हिस्सा हैं, डबलिन के मुख्य कोच नियुक्त किए गए हैं। हाल ही में राठौर ने श्रीलंका के सहायक बल्लेबाजी कोच की भूमिका निभाई थी। ईटीपीएल में विजय चेन्नई सुपर किंग्स के अपने पूर्व साथी आर अश्विन के साथ जुड़ेंगे। अश्विन डबलिन के कप्तान और मेंटॉर नियुक्त किए गए हैं। पूर्व भारतीय कप्तान और टी-20 विश्व कप विजेता कोच राहुल द्रविड़ डबलिन फ्रैंचाइजी के सह-मालिक हैं।
न्यूजीलैंड के बल्लेबाज डैरिल मिचेल और विजय डबलिन के डायरेक्ट ओवरसीज साइनिंग के साथ जुड़ेंगे। डबलिन के ओवसरीज रोस्टर में अमेरिका के गेंदबाजी ऑलराउंडर हरमीत सिंह और अमेरिका के ही संजय कृष्णमूर्ति भी होंगे। 2010 के दशक की शुरुआत में विजय अश्विन के साथ लोकल लीग क्रिकेट भी खेल चुके हैं। जबकि विजय द्रविड़ के साथ भी इंडिया ए के सेट अप में पहले काम कर चुके हैं।
भारतीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद विजय ने लंका प्रीमियर लीग (एलपीएल) में खेलने से पहले चेन्नई में प्रतिस्पर्धी लीग क्रिकेट भी खेला था ताकि वह गेम से जुड़े रहें। एलपीएल में विजय ने कैंडी रॉयल्स के लिए फ़िनिशर की भूमिका अदा की और नौ पारियों में उन्होंने 145.63 के स्ट्राइक रेट से 150 रन बनाए। विजय ने 12 वनडे मैचों में 31.85 की औसत और 90.65 के स्ट्राइक रेट से 223 रन बनाए जबकि नौ टी-20 में उन्होंने 25.25 की औसत और 138.35 के स्ट्राइक रेट से 101 रन बनाए। विजय ने अधिकतम घरेलू क्रिकेट तमिलनाडु के लिए खेली और 2025-26 सीजन से पहले त्रिपुरा का रुख करने से पहले उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी, देवधर ट्रॉफ़ी और सैयद मुश्ताक़ अली ट्रॉफी में तमिलनाडु की कप्तानी भी की। विजय ने अपने घरेलू करियर का समापन बेहतरीन अंदाज में किया और फरवरी में रणजी ट्रॉफी में गुजरात के खिलाफ जीत में उन्होंने 151 रनों की नाबाद पारी खेली जिसके लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया।
प्रथम श्रेणी क्रिकेट में विजय ने 46.73 की औसत से 4253 रन बनाए, लिस्ट में उन्होंने 34.87 की औसत से 2790 और टी-20 में उन्होंने 26.09 की औसत से 2583 रन बनाए। सभी प्रारूप में उन्होंने 348 मुक़ाबले खेलते हुए कुल 154 विकेट भी हासिल किए।
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