बालाघाट , सितंबर 18 -- मध्यप्रदेश में बालाघाट जिले के लांजी क्षेत्र में सेवा सहकारी समिति मनेरी के प्रभारी प्रबंधक विलास चौरे के नीमटोला स्थित आवास पर गुरुवार तड़के आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) जबलपुर की टीम ने छापामार कार्रवाई की। करीब डेढ़ दर्जन अधिकारियों की टीम ने सुबह छह बजे पहुंचकर आय और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की जांच शुरू की।

आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ के अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच में चौरे की ज्ञात आय की तुलना में बड़ी मात्रा में संपत्ति और निवेश से संबंधित जानकारी सामने आई है। अधिकारियों ने उनकी ज्ञात आय करीब 25 लाख रुपये आंकी है, जबकि जांच में सामने आई संपत्तियों को ज्ञात आय से करीब 500 गुना अधिक बताया गया है। हालांकि संपत्तियों के वास्तविक मूल्य और आय के स्रोत का अंतिम निर्धारण विस्तृत जांच के बाद होगा।

कार्रवाई के दौरान करीब दो करोड़ रुपये अनुमानित कीमत के कई वाहन मिलने की जानकारी दी गई है। उप पुलिस अधीक्षक मंजीत सिंह के अनुसार इनमें चार 50-सीटर बसें, एक यात्री वाहन, दो बोलेरो, एक ग्रैंड विटारा, एक स्कॉर्पियो और दो ट्रैक्टर शामिल हैं। दोनों ट्रैक्टर कृषि कार्य के लिए किराये पर चलाए जाने की जानकारी सामने आई है।

जांच में चौरे की पत्नी के नाम यात्रा व्यवसाय संचालित होने तथा 'मातोश्री' नाम से बालाघाट से हैदराबाद मार्ग पर तीन बसों के संचालन की जानकारी भी सामने आई है। परिवार के नाम कृषि यंत्रों की बिक्री से जुड़े व्यवसाय की जानकारी मिलने की बात भी अधिकारियों ने कही है। इन गतिविधियों से होने वाली आय और संपत्ति से संबंधित दस्तावेज जुटाए जा रहे हैं।

अधिकारियों के अनुसार वर्ष 2016 में लांजी में बनाए गए मकान पर करीब 50 लाख रुपये खर्च होने की जानकारी मिली है। इसके अलावा करीब छह माह पहले पास के गांव में लगभग 10 लाख रुपये की कृषि भूमि खरीदे जाने की जानकारी भी सामने आई है। टीम इन संपत्तियों की खरीद और निर्माण में लगी राशि तथा भुगतान के स्रोतों की पड़ताल कर रही है।

आवास पर करीब 10 लाख रुपये कीमत के व्यायाम उपकरण भी मिले हैं। अधिकारियों के अनुसार घर में व्यायामशाला शुरू करने की तैयारी की जा रही थी। उपकरणों की खरीद से संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की गई है।

जांच के दौरान चौरे, उनकी पत्नी, बेटे और यात्रा व्यवसाय से जुड़े बैंक खातों की जानकारी सामने आई। ये खाते जिला सहकारी बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र में बताए गए हैं। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने संबंधित खातों पर रोक लगाते हुए बैंकों से जमा राशि, लेन-देन और अन्य वित्तीय जानकारी मांगी है। इसके अलावा जीवन बीमा निगम की चार बीमा पॉलिसियां और करीब पांच लाख रुपये मूल्य का सोना मिलने की जानकारी भी अधिकारियों ने दी है।

आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की है। संपत्ति, बैंक खातों, निवेश, वाहनों और अन्य आर्थिक गतिविधियों से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार जांच पूरी होने के बाद ही ज्ञात आय के स्रोतों से अधिक संपत्ति और उसके वास्तविक मूल्य की स्थिति स्पष्ट होगी।

कार्रवाई को लेकर विलास चौरे ने कहा कि उन्होंने जांच में पूरा सहयोग किया है। उनका दावा है कि शिकायत जलन की भावना से की गई है और उनकी छवि धूमिल करने के उद्देश्य से साजिश की गई है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में वे दोषी पाए जाते हैं तो कार्रवाई के लिए तैयार हैं।

आरोपी चौरे वर्ष 2014 में सेवा सहकारी समिति में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी के रूप में पदस्थ हुए थे और वर्तमान में सेवा सहकारी समिति मनेरी में प्रभारी प्रबंधक के रूप में कार्यरत हैं। उनकी करीब 12 वर्ष की सेवा अवधि में ज्ञात आय लगभग 25 लाख रुपये बताई गई है।

वही बालाघाट जिले में करीब 15 दिनों के भीतर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ की यह दूसरी बड़ी कार्रवाई बताई गई है। इससे पहले तीन सितंबर को परियोजना क्रियान्वयन इकाई के कर्मचारी कमलकिशोर सिंगारे के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में कार्रवाई की गई थी।

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