चंडीगढ़ , अप्रैल 18 -- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ईएसआई स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सख्त निर्देश जारी किये हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसीभी स्तर पर लापरवाही या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

शनिवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने पानीपत स्थित ईएसआई अस्पताल से जुड़े मामलों पर गंभीर चिंता जतायी। उन्होंने छह निजी अस्पतालों को पैनल से हटाने की प्रक्रिया तुरंत शुरू करने के निर्देश दिये, जिसके तहत संबंधित अस्पतालों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। जांच में सामने आया कि 2020-21 से 2023-24 के बीच इन अस्पतालों में अत्यधिक रेफरल किये गये और दस्तावेजों में अनियमितताएं पायी गयीं।

इस मामले में पानीपत ईएसआई अस्पताल के तीन कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है, जबकि पांच मेडिकल सुपरिटेंडेंट के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गयी है। मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) को मामले की निष्पक्ष जांच सौंपने और राज्यभर के 133 अन्य निजी अस्पतालों के रिकॉर्ड की भी जांच करने के निर्देश दिये।

इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए कई अहम घोषणाएं कीं। पानीपत ईएसआई अस्पताल की क्षमता 75 से बढ़ाकर 100 बिस्तर करने, जगाधरी अस्पताल को 80 से 100 बिस्तर और हिसार डिस्पेंसरी को 12 से बढ़ाकर 50 बिस्तर करने के निर्देश दिए गए। बावल और बहादुरगढ़ में नये 100-100 बिस्तरों वाले अस्पतालों का निर्माण जल्द पूरा करने पर भी जोर दिया गया।

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