बड़वानी , अगस्त 27 -- मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले में जामली स्थित एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (ईएमआरएस) की छात्राओं के पैदल मार्च के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बाधित कराने के मामले में पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस अब वीडियो फुटेज के आधार पर छात्राओं को सड़क पर बैठने के लिए कथित तौर पर उकसाने वालों की पहचान कर रही है।
जुलवानिया थाना प्रभारी सौरव बाथम ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बाधित करने से संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। शिकायत एक वाहन चालक ने की थी, जिसे छात्राओं के सड़क पर बैठने के कारण परेशानी हुई। चालक ने घटना का वीडियो भी पुलिस को उपलब्ध कराया है।
पुलिस के अनुसार 24 अगस्त को जामली स्थित ईएमआरएस की 100 से अधिक छात्राएं अपनी शिकायतें जिला कलेक्टर के समक्ष रखने के लिए करीब 60 किलोमीटर पैदल बड़वानी जाने के लिए निकली थीं। मार्च के दौरान जुलवानिया क्षेत्र में पहुंचने पर कुछ लोगों ने कथित तौर पर छात्राओं को राष्ट्रीय राजमार्ग पर बैठने के लिए उकसाया, जिसके बाद छात्राएं सड़क पर बैठ गईं।
इससे करीब 30 मिनट तक यातायात प्रभावित रहा। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने छात्राओं को समझाकर सड़क से हटाया, जिसके बाद वे जुलवानिया पहुंचीं। वहां कलेक्टर जयति सिंह और पुलिस अधीक्षक पदमविलोचन शुक्ला ने छात्राओं से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। कलेक्टर ने छात्राओं द्वारा उठाए गए मुद्दों की जांच के लिए समिति गठित की है।
मामले की जांच के लिए भोपाल और बड़वानी की टीम जामली स्थित ईएमआरएस पहुंची है। टीम शिक्षकों, छात्राओं और अभिभावकों से चर्चा कर प्रदर्शन और पैदल मार्च से जुड़ी परिस्थितियों की जानकारी जुटा रही है।
विद्यालय के प्राचार्य अजीत सिंह ने बताया कि छात्राओं के अचानक पैदल मार्च पर निकलने की जानकारी स्कूल प्रशासन को पहले से नहीं थी। उन्होंने कहा कि छात्राओं ने इससे पहले इस तरह की किसी समस्या की जानकारी नहीं दी थी। जामली स्थित ईएमआरएस वर्ष 2017 में वर्तमान भवन में स्थानांतरित हुआ था। विद्यालय में कक्षा छह से 12वीं तक करीब 480 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।
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