नयी दिल्ली , मई 15 -- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जनता से ईंधन बचाने की अपील के बाद उच्चतम न्यायालय ने सोमवार एवं शुक्रवार को केवल वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सुनवाई करने का निर्णय लिया है।
नयी व्यवस्था के अनुसार, सोमवार और शुक्रवार को सभी सुनवाइयां केवल ऑनलाइन होंगी। मंगलवार, बुधवार और गुरुवार को वकीलों और वादियों के पास व्यक्तिगत रूप से या आभासी रूप से उपस्थित होने का विकल्प होगा।
उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि ईंधन के इष्टतम उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए, न्यायाधीशों ने आपस में कार-पूलिंग व्यवस्था को बढ़ावा देने का 'सर्वसम्मति से संकल्प' लिया है।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और अधिवक्ता अविरल मलिक ने कहा कि ईंधन संरक्षण के लिए प्रधानमंत्री की अपील पर्यावरण स्थिरता और राष्ट्रीय संसाधन प्रबंधन की दिशा में एक सामयिक और जिम्मेदार आह्वान है। श्री मलिक ने कहा, "मैं सोमवार और शुक्रवार को वर्चुअल सुनवाई करने तथा अन्य कार्यदिवसों में हाइब्रिड विकल्प देने के उच्चतम न्यायालय के सक्रिय निर्णय का स्वागत करता हूं। यह कदम न केवल 'हरित न्याय' की भावना के अनुरूप है, बल्कि न्याय प्रदान करने में सार्वजनिक हित और तकनीकी प्रगति के प्रति न्यायालय की संवेदनशीलता को भी दर्शाता है।"न्यायालय ने प्रत्येक रजिस्ट्री शाखा या अनुभाग में 50 प्रतिशत तक कर्मचारियों को प्रति सप्ताह दो दिनों तक घर से काम करने की अनुमति दी है। हालांकि, यह साप्ताहिक रोस्टर तैयार करने और अदालत के निर्बाध कामकाज को सुनिश्चित करने के अधीन है।
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