नयी दिल्ली , मार्च 10 -- वर्ष 2025-26 के खेती के दूसरे अग्रिम अनुमानों के अनुसार देश में खरीफ खाद्यान्न की कुल पैदावार 1741.44 लाख टन और रबी की कुल पैदावार 1745.13 लाख टन अनुमानित है। यह पिछले वर्ष के खरीफ की पैदावार से 2.8 फीसदी और रबी की पैदावार से 3.2 फीसदी अधिक है।

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने मंगलवार को यहां एक विज्ञप्ति जारी कर यह जानकारी दी इसमें कहा गया है कि साल 2025-26 के लिए मुख्य कृषि फसलों (केवल खरीफ एवं रबी) की पैदावार के दूसरे अग्रिम अनुमान के लिए राज्यों से मिले फसलों के क्षेत्रफल को रिमोट सेंसिंग, साप्ताहिक फसल मौसम निगरानी और अन्य एजेंसियों से प्राप्त जानकारी शामिल की गयी है। इसके अलावा, उपज अनुमान फसल कटाई प्रयोगों (सीसीई), पिछली प्रवृत्तियों और अन्य सहयोगी कारकों को भी आधार बनाया गया है।

गौरतलब है कि कृषि के साल के दूसरे अग्रिम अनुमान में केवल खरीफ एवं रबी मौसम शामिल होते हैं, ज़ायद मौसम को तीसरे अग्रिम अनुमान में शामिल किया जाएगा।

इस अनुमान के अनुसार इस बार खाद्यान्न उत्पादन का परिदृश्य बहुत मज़बूत और रिकॉर्ड स्तर का दिखाई दे रहा है। खरीफ चावल की पैदावार रिकॉर्ड 1239.28 लाख टन होने का अनुमान है। यह साल 2024-25 के 1227.72 लाख टन की तुलना में, 11.56 लाख टन ज्यादा है। गेहूं की पैदावार रिकॉर्ड 1202.10 लाख टन अनुमानित है, जो बीते साल की 1179.45 लाख टन पैदावार की तुलना में 22.65 लाख टन अधिक है।

श्री अन्न (खरीफ) का उत्पादन 123.43 लाख टन और श्री अन्न (रबी) का उत्पादन 30.98 लाख टन अनुमानित है। खरीफ मक्का का उत्पादन रिकॉर्ड 302.47 लाख टन और रबी मक्का का उत्पादन रिकॉर्ड 159.03 लाख टन अनुमानित है।

इस तरह से मोटे अनाज (खरीफ) की पैदावार 425.89 लाख टन और रबी में पैदावार 213.41 लाख टन होने का अनुमान है।

दलहनी फसलों में अरहर या तूर एवं चने की पैदावार 34.55 लाख टन एवं 117.92 लाख टन होने का अनुमान है एवं मसूर की पैदावार 17.33 लाख टन अनुमानित है।

तिलहनी फसलों में खरीफ एवं रबी की मूंगफली की पैदावार 112.94 लाख टन एवं 7.97 लाख टन अनुमानित है। खरीफ मूंगफली की पैदावार गत वर्ष के 104.12 लाख टन की तुलना में 8.82 लाख टन अधिक है। सोयाबीन की पैदावार 127.20 लाख टन एवं सरसों की पैदावार 133.31 लाख टन होने का अनुमान है।

नकदी फसलों में कपास की पैदावार 290.91 लाख गांठे (प्रत्येक गांठ 170 किलोग्राम) और गन्ने की पैदावार 5001.97 लाख टन होने का अनुमान है। जूट की पैदावार 81.27 लाख गांठें (प्रत्येक गांठ 180 किलोग्राम) होने का अनुमान लगाया है।

मंत्रालय मुख्य कृषि फसलों (खाद्यान्न, तिलहन और नकदी फसलें) की पैदावार का आकलन करने के लिए एक साल में कुल चार अग्रिम अनुमान जारी करता है। प्रथम अग्रिम अनुमान सितंबर-अक्टूबर में केवल खरीफ फसलों के लिए आता है, जबकि द्वितीय अनुमान फरवरी-मार्च में खरीफ के संशोधित और रबी के शुरुआती आंकड़ों के साथ जारी किया जाता है।

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