उज्जैन , जून 28 -- मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित इस्कॉन मंदिर में 29 जून को भगवान श्रीजगन्नाथ, बलदेव और सुभद्रा महारानी का स्नान पूर्णिमा महोत्सव भव्य रूप से मनाया जाएगा। इसके साथ ही मध्यप्रदेश शासन के जल-गंगा संवर्धन अभियान का समापन भी होगा। आगामी 16 जुलाई को भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा निकाली जाएगी।

इस्कॉन से जुड़े राघव दास ने बताया कि कार्यक्रम का आयोजन मध्यप्रदेश सरकार के संस्कृति विभाग, श्रीकृष्ण पाथेय न्यास, वीर भारत न्यास, महाराजा विक्रमादित्य शोध पीठ और इस्कॉन के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। जल-गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत भगवान जगन्नाथ का महाअभिषेक सप्त सरोवर, कोटितीर्थ, क्षिप्रा, गंगा, नर्मदा और गोमती कुंड सहित विभिन्न पवित्र जलस्रोतों से लाए गए जल से किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि स्नान पूर्णिमा महोत्सव का शुभारंभ प्रातः 7:30 बजे अभिषेक और पांडु-विजय कीर्तन से होगा। मंगल आरती के बाद भगवान को स्नान वेदी पर विराजमान कर महाअभिषेक किया जाएगा। इसके पश्चात श्रद्धालु भी भगवान का अभिषेक कर सकेंगे। महाअभिषेक के बाद भगवान जगन्नाथ, बलदेव और सुभद्रा महारानी के दुर्लभ गजवेश के दर्शन होंगे।

सायंकाल इस्कॉन उज्जैन के संस्थापक श्री श्री भक्ति चारू स्वामी महाराज की 49वीं संन्यास वर्षगांठ भी मनाई जाएगी। कार्यक्रम में इस्कॉन भारत के उपाध्यक्ष महामन महाराज, इस्कॉन उज्जैन के अध्यक्ष भक्ति प्रेम स्वामी महाराज सहित अनेक संत-महात्मा उपस्थित रहेंगे।

राघव दास ने बताया कि स्नान यात्रा के बाद भगवान जगन्नाथ 15 दिनों के विश्राम काल में रहेंगे। इसके बाद 16 जुलाई को उज्जैन में भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा निकाली जाएगी। इस समापन समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है।

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