चेन्नई , सितंबर 08 -- भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने उन्नत पृथ्वी अवलोकन उपग्रह 'ईओएस-05' का तीसरा और अंतिम कक्षा उन्नयन(ऑर्बिट रेजिंग) चरण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस उपग्रह को गत शुक्रवार को श्रीहरिकोटा स्थित अंतरिक्ष केंद्र से जीएसएलवी-एफ17 रॉकेट के जरिए प्रक्षेपित किया गया था।
इसरो के अनुसार, ईओएस-05 की एपोजी (पृथ्वी से अधिकतम दूरी) को बढ़ाने की यह तीसरी प्रक्रिया 07 सितंबर रात 8:57 बजे सफलतापूर्वक पूरी की गई। इस दौरान उपग्रह में लगे लिक्विड एपोजी मोटर इंजन को 1,247 सेकंड के लिए प्रज्वलित किया गया। इस प्रक्रिया के बाद उपग्रह के सभी उपकरण पूरी तरह सामान्य रूप से काम कर रहे हैं।
इससे पहले, 2,367 किलोग्राम वजनी इस उपग्रह को प्रक्षेपण के लगभग 18 मिनट बाद 'सब-जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट' (सब-जीटीओ) में सफलतापूर्वक स्थापित किया गया था। उपग्रह का पहला कक्षा उन्नयन चरण 5 सितंबर को पूरा किया गया था, जिसमें एलएएम इंजन को 5,406.4 सेकंड के लिए चलाया गया था। इसके बाद दो और चरण पूरे करके उपग्रह को जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट (जीएसओ - 85.5 डिग्री ईस्ट ऑर्बिटल स्लॉट) की दिशा में बढ़ा दिया गया है। यह भारत के अंतरिक्ष इतिहास में पहली बार है जब किसी तस्वीर लेने वाले उपग्रह को भू-समकालिक कक्षा से संचालित किया जा रहा है।
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