श्रीहरिकोटा , अक्टूबर 28 -- भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) देश की दूसरी पीढ़ी की नाविक उपग्रह श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण नेविगेशन उपग्रह को आगामी शुक्रवार (30 अक्टूबर) को अंतरिक्ष में भेजेगा।

इसरो की बुधवार को जारी बुलेटिन में यह जानकारी दी गयी। इस उपग्रह को सूर्य समतुल्यकालिक या जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (जीएसएलवी) की 20वीं उड़ान के माध्यम से आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से रवाना किया जायेगा। यह उपग्रह पूरे भारतीय भूभाग तथा भारत की भू-राजनीतिक सीमा के चारों ओर लगभग 1,500 किलोमीटर तक के दायरे में सटीक और निर्बाध नेविगेशन सेवाएं प्रदान करेगा।

बुलेटिन में बताया गया है कि जीएसएलवी-एफ18 के माध्यम से एनवीएस-03 उपग्रह को प्रक्षेपित करने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह प्रक्षेपण 2026 को भारतीय समयानुसार रात 23:51 बजे निर्धारित किया गया है। इस मिशन के तहत उपग्रह को जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट (जीटीओ) में स्थापित किया जायेगा।

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